BCCL में भ्रष्टाचार पर कोल इंडिया का बड़ा एक्शन! दागी अफसरों की लिस्ट तलब, संवेदनशील पदों से हटाने की तैयारी
कोल इंडिया ने बीसीसीएल से संदिग्ध और जांच लंबित अधिकारियों की सूची मांगी है। भ्रष्टाचार, कोयला चोरी और टेंडर अनियमितताओं पर विजिलेंस की नजर, बड़े पैमाने पर तबादलों और कार्रवाई की तैयारी।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयला क्षेत्र में बढ़ते भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर लगाम कसने के लिए Coal India Limited ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने Bharat Coking Coal Limited (बीसीसीएल) से उन सभी अधिकारियों की विस्तृत सूची मांगी है, जिनका नाम विजिलेंस की रडार पर है या जिनके खिलाफ Central Bureau of Investigation समेत किसी जांच एजेंसी की जांच लंबित है।
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इस कदम को कोयला कंपनी में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करने की दिशा में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
विजिलेंस की रडार पर कई अधिकारी
सूत्रों के अनुसार कोल इंडिया मुख्यालय ने बीसीसीएल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि ऐसे सभी अधिकारियों की सूची तुरंत उपलब्ध कराई जाए, जिनके खिलाफ विजिलेंस जांच चल रही है या जिन पर भ्रष्टाचार, अनियमितता और कोयला चोरी में संलिप्तता के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि सूची मिलने के बाद कई अधिकारियों को संवेदनशील पदों से हटाने और बड़े पैमाने पर तबादले की तैयारी भी की जा रही है।
प्रधानमंत्री तक पहुंचा मामला
सूत्रों के मुताबिक बीसीसीएल में अनियमितताओं का मामला देश के शीर्ष स्तर तक पहुंच चुका है। इसके बाद केंद्रीय कोयला मंत्री G. Kishan Reddy ने भी इस पर कड़ी नजर बनाए रखी है। धनबाद दौरे के दौरान मंत्री ने संकेत दिया था कि कोयला कंपनियों में भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों को लेकर जल्द सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब उसी दिशा में प्रक्रिया तेज होती दिखाई दे रही है।
सेवानिवृत्ति से पहले चार्जशीट
जानकारी के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी को सेवानिवृत्ति से ठीक पहले चार्जशीट दिए जाने की भी चर्चा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ जांच लंबित है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया तेज की जायेगी। इससे यह संदेश देने की कोशिश है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
इन क्षेत्रों में गड़बड़ी की शिकायतें
विजिलेंस विभाग को बीसीसीएल के कई क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
लोदना, बरोरा, ब्लॉक-2, गोविंदपुर, कतरास, सिजुआ, बस्ताकोला और भौरा क्षेत्र
ओवरबर्डन (OB) हटाने में करोड़ों रुपये की कथित अनियमितता
आउटसोर्सिंग पैच में फर्जी बिलिंग और ओवर बिलिंग
कोयला उत्पादन और सिविल वर्क में टेंडर गड़बड़ी
हाल ही में कतरास क्षेत्र में हुए हादसों और ओबी हटाने से जुड़े कथित घोटालों के बाद जांच एजेंसियां और अधिक सक्रिय हो गई हैं।
कोयला चोरी और मिलीभगत की आशंका
हालांकि खदानों में जीपीएस और सीसीटीवी जैसी तकनीकें लागू की गई हैं, लेकिन इसके बावजूद कोयला चोरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसमें कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। इसके अलावा आय से अधिक संपत्ति, रिटायरमेंट बेनिफिट्स के बदले रिश्वत और ठेका प्रक्रियाओं में अनियमितता जैसे आरोपों की भी जांच हो रही है।
संवेदनशील पदों से हटेंगे अधिकारी
कोल इंडिया के नियमों के अनुसार जिन अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस जांच चल रही होती है, उन्हें संवेदनशील पदों पर नहीं रखा जा सकता। इसी कारण सूची मिलने के बाद ऐसे अधिकारियों को तुरंत हटाने या ट्रांसफर करने की संभावना जताई जा रही है। इससे जांच प्रभावित होने की आशंका भी कम होगी।
पारदर्शिता पर जोर
बीसीसीएल के सीएमडी Manoj Kumar Agarwal के नेतृत्व में कंपनी में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। औचक निरीक्षण, विजिलेंस जांच और जागरूकता अभियानों के जरिए कंपनी में भ्रष्टाचार मुक्त कार्यसंस्कृति स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। कोल इंडिया का मानना है कि संदिग्ध अधिकारियों की सूची तैयार होने के बाद न केवल लंबित जांचों में तेजी आएगी, बल्कि भविष्य में होने वाली गड़बड़ियों पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।
क्या हो सकता है आगे
दागी अधिकारियों की पहचान
बड़े पैमाने पर तबादले
विभागीय कार्रवाई और चार्जशीट
जांच एजेंसियों की निगरानी तेज
कोयला क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि अगर यह कार्रवाई सख्ती से लागू हुई तो धनबाद के कोयला उद्योग में पारदर्शिता बढ़ सकती है।






