- शूटर अमन सिंह जेल मर्डर केस की अब जांच करेगी SIT
रांची। झारखंड की राजधानी रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल ईडी के अफसरों को टारगेट करने और जेल में प्रभावशाली आरोपियों के संबंध में समाने आयी आरोपों की जांच के लिए एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है। होम डिपार्टमेंट इससे संबंधित बाबत आदेश जारी कर दिया है।
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होम डिपार्टमेंट की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि शिकायतों की जांच अधिनियम 1952 की धारा तीन के तहत की जायेगी। जांच आयोग के सदस्य दुमका के रिटायर प्रधान जिला न्यायाधीश बीरेंद्रनाथ पांडेय होंगे। आयोग का ऑफिस कारा निरीक्षणालय में होगा। इसके सहयोग में राज्य के संबंधित पदाधिकारी भी रहेंगे। आयोग के सदस्य को मानदेय के तौर पर प्रतिमाह एक लाख रुपयेका भुगतान होगा। आयोग को दो माह मेंअपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देनी है।होम डिपार्टमेंट की नोटिफिकेशन में यह भी जानकारी दी है कि स्टेट की जेल में बंद प्रभावशाली व्यक्तियों के प्रभाव में काम किया जा रहा है। सुरक्षा के प्रति जिलों में लापरवाही बढ़ती जा रही है। जिसके कारण जेल प्रशासन की छवि धुमिल हो रही है। इससे राज्य सरकार को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गृह , कारा व आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट में उल्लेख है कि रांची जेल के संबंध में खबरें प्रकाशित हुईं थीं। इसके बाद रांची के डीसी ने 21 नवंबर को जांच दल गठित कर औचक निरीक्षण किया था। जांच में जेल मैनुअल का पूर्णत अनुपालन व सुरक्षा के मामलों में जेलकर्मियों की लापरवाही सामने आयी है। डीसी ने इस संबंध में सरकार को रिपोर्ट भी दी है।
उल्लेखनीय है कि रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल होटवार में बंद कैदियों पर नक्सलियों से साथ ईडी के अफसरों को डराने धमकाने के मामले पर से सामने आ चुके हैं। ईडी द्वारा मनी लॉंड्रिंग में जेल में बंद आरोपी प्रेम प्रकाश समेत अन्य पर आरोप लगा है। इन पर अन्य तरीके अपना कर लोगों को भयभीत करने जेल में बंद अन्य कैदियों के साथ मारपीट करने पूर्व में जेल में बंद कैदी को रिहाई के बाद धमकाने व जेल में राज्य सरकार के अधिकारियों को प्रभावित करने के आरोप भी लग चुके हैं। ईडी की रेड में भी ऐसे तत्व उजागर हुए जिसके जांच टीम में 21 नवंबर को होटवार जेल निरीक्षण किया था। जांच टीम की औचक निरीक्षण रिपोर्ट में भी यह खुलासा हुआ कि बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल होटवार में जेल मैनुअल का उल्लंघन हो रहा है। सुरक्षा मामले में भी जेल कर्मी लापरवाही बरती जा रही है।
धनबाद जेल में अमन सिंह की मर्डर की जांच एसआइटी करेगी
धनबाद जेल में गैंगस्टर व शूटर अमन सिंह की मर्डर मामले की जांच एसआईटी करेगी। इसके लिए होम डिपार्टमेंट ने एसआईटी के डीजी को आदेश जारी कर दिया है। एसआइटी को अमन सिंह मर्डर केस में साजिश अपराधिक संलिप्तता वह अन्य सभी बिंदुओं पर छानबीन कर दो माह के भीतर अपनी जांच को पूरा करने के लिए कहा गया है।एसआईटी को जांच का दायरा बढ़ाने घटित घटना वह संबंधित दर्ज केस का इन्विस्टीगेशन करने तथा इस घटना के पीछे की बड़ी साजिश की जांच का भी आदेश दिया है इसमें संलिप्त सभी जेलकर्मी पदाधिकारी गैर सरकारी व्यक्ति की भूमिका की भी पहचान करनी है।
धनबाद जेल में तीन दिसंबर को अमन सिंह की गोली मारकर मर्डर कर दी गयी थी। अमन जेल के हॉस्पिटल वार्ड में था। अमन की मर्डर के बाद जेल आईजी जेल उमाशंकर सिंह व आईजी सीआईडी असीम विक्रांत मिंज ने धनबाद जेल पहुंच मामले की जांच किया था। दोनों अफसरों ने संयुक्त रूप से जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सोपी थी।
झारखंड हाई कोर्ट ने अमन सिंह मर्डर केस घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की गहन जांच व समीक्षा के लिए पांच दिसंबर को विशेष दल एसआईटी के गठन का आदेश दिया था। होम डिपार्टमेंट ने झारखंड हाई कोर्ट के उक्त आदेश के आलोक में पूरे प्रकरण को एसआईटी डीजी को हस्तांतरित कर दिया था। सीआईडी को एसआईटी गठित कर पूरे मामले की गहन जांच का आदेश दिया गया था।
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