वेनेजुएला में मलबे के बीच गूंजी किलकारी: भूकंप में दबी मां ने बच्ची को दिया जन्म, छत तोड़कर रेस्क्यू टीम ने बचाई जान

वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप के बाद मलबे में फंसी गर्भवती महिला ने बच्ची को जन्म दिया। रेस्क्यू टीम ने छत तोड़कर नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला। इस बीच कई अन्य लोगों और एक पालतू कुत्ते को भी मलबे से जीवित बचाया गया।

वेनेजुएला में मलबे के बीच गूंजी किलकारी: भूकंप में दबी मां ने बच्ची को दिया जन्म, छत तोड़कर रेस्क्यू टीम ने बचाई जान
वेनेजुएला भूकंप के मलबे से जिंदा निकली नवजात बच्ची।

   HighLights:

  • वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों से भारी तबाही
  • ढही हुई इमारत के मलबे में फंसी गर्भवती महिला ने बच्ची को जन्म दिया
  • रेस्क्यू टीम ने छत तोड़कर नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला
  • अब तक 235 लोगों की मौत और हजारों लोगों के घायल होने की खबर
  • मलबे से दुधमुंहे बच्चे, 12 वर्षीय बालक, महिला और एक पालतू कुत्ते को जिंदा बचाया गया

कराकस, वेनेजुएला ( Threesocieties.com Desk): वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप ने पूरे देश को गहरे संकट में डाल दिया है। गुरुवार को कुछ ही सेकेंड के अंतराल में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली झटकों ने राजधानी कराकस समेत कई शहरों में भारी तबाही मचा दी। ऊंची-ऊंची इमारतें धराशायी हो गईं, सड़कें टूट गईं और हजारों लोग बेघर हो गए। लेकिन इस भयावह त्रासदी के बीच एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरी दुनिया को भावुक कर दिया।

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ढही हुई एक इमारत के मलबे के नीचे फंसी एक गर्भवती महिला ने बच्ची को जन्म दिया। बचावकर्मियों को जब मलबे के भीतर से नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी तो उन्होंने तुरंत राहत अभियान तेज कर दिया। घंटों की मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने इमारत की छत को काटकर और तोड़कर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों और राहतकर्मियों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था।

मौत और तबाही के बीच उम्मीद की किरण

अधिकारियों के अनुसार, इस भीषण भूकंप में अब तक 235 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हजारों लोगों के अब भी लापता होने की आशंका है और राहत एजेंसियां लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं।सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में उत्तरी क्षेत्र ला गुआइरा शामिल है, जहां राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। सेना, पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय स्वयंसेवक मिलकर लोगों को बचाने में जुटे हैं।

मलबे से जिंदा निकले बच्चे और बुजुर्ग

राहत अभियान के दौरान बचाव दल ने एक दुधमुंहे बच्चे को भी सुरक्षित बाहर निकाला। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बच्चे को बचाते ही राहतकर्मी खुशी से चिल्लाते और भावुक होते दिखाई दिए। इसी तरह कई घंटे की मशक्कत के बाद एक 12 वर्षीय बच्चे को भी मलबे से जीवित निकाला गया। इसके अलावा एक महिला और एक वृद्ध व्यक्ति को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इन सफल रेस्क्यू अभियानों ने राहतकर्मियों का मनोबल बढ़ा दिया है।

इंसानों के साथ पालतू जानवरों को भी बचाया गया

इस त्रासदी में सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि एक पालतू कुत्ता भी कई घंटों तक मलबे के नीचे दबा रहा। बचाव दल ने उसे भी सुरक्षित बाहर निकाला। वीडियो में कुत्ता पानी पीता और राहतकर्मियों की गोद में नजर आया, जिसने लोगों को भावुक कर दिया।

समय के खिलाफ जंग जारी

अधिकारियों का कहना है कि अभी भी करीब 200 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। लगभग 250 इमारतें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं। अस्पतालों, बिजली आपूर्ति और संचार सेवाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है।दुनिया के कई देशों से अंतरराष्ट्रीय राहत दल और सहायता सामग्री वेनेजुएला पहुंच रही है। बचावकर्मी समय के खिलाफ दौड़ लगा रहे हैं, क्योंकि हर गुजरते घंटे के साथ मलबे में फंसे लोगों के सुरक्षित मिलने की संभावना कम होती जाती है।

उम्मीद अभी जिंदा है

भूकंप की इस भयावह तबाही के बीच मलबे के नीचे जन्मी बच्ची और जीवित बचाए गए लोगों की कहानियां यह साबित कर रही हैं कि जिंदगी सबसे कठिन परिस्थितियों में भी अपना रास्ता खोज लेती है। वेनेजुएला के लिए यह बच्ची सिर्फ एक नवजात नहीं, बल्कि उम्मीद, साहस और जीवन की जीत का प्रतीक बन गई है।