"गौतम अदाणी का 'सक्सेस मंत्र': अगले 10 साल की सफलता के लिए 3 फॉर्मूले, कर्मचारियों को समय पर वेतन और सम्मान की गारंटी"
अदाणी ग्रुप की 34वीं एजीएम में गौतम अदाणी ने अगले 10 वर्षों के लिए तीन बड़े सिद्धांत पेश किए। इनमें कामकाज का सरलीकरण, कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ मजबूत साझेदारी और श्रमिकों की गरिमा सुनिश्चित करना शामिल है। कंपनी ने समय पर वेतन, सुरक्षित माहौल और बेहतर सुविधाएं देने का भी वादा किया।
HighLights:
- अदाणी ग्रुप की 34वीं एजीएम में गौतम अदाणी ने पेश किया अगले दशक का विजन
- ग्रुप में लागू होगा तीन-स्तरीय ढांचा, कम होगी अफसरशाही
- कॉन्ट्रैक्टर्स को देश निर्माण का दीर्घकालिक साझेदार बताया गया
- वर्कर्स के सम्मान, सुरक्षा और समय पर वेतन को बनाया गया प्राथमिक लक्ष्य
- अदाणी बोले- भारत के सबसे अच्छे दिन अभी आने बाकी हैं
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): देश के प्रमुख उद्योग समूहों में शामिल अदाणी ग्रुप ने आने वाले दशक के लिए अपनी रणनीति और विकास का रोडमैप तय कर लिया है। समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बुधवार को आयोजित 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 2026 में तीन ऐसे बुनियादी सिद्धांतों का ऐलान किया, जो अगले दस वर्षों में कंपनी की दिशा और गति तय करेंगे।
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शेयरधारकों को संबोधित करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि भविष्य की चुनौतियां पहले से कहीं अधिक महत्वाकांक्षा, अनुशासन और मजबूत क्रियान्वयन क्षमता की मांग करेंगी। उन्होंने भरोसा जताया कि अदाणी समूह भारत के विकास और राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत के सबसे अच्छे दिन अभी आने बाकी हैं और अदाणी समूह इस बदलाव का सक्रिय भागीदार बनेगा।
पहला सिद्धांत: कामकाज में सरलीकरण और तेज फैसले
गौतम अदाणी ने बताया कि समूह अपने संचालन तंत्र को पहले से अधिक सरल और प्रभावी बनाने जा रहा है। इसके तहत मुख्यालय से लेकर परियोजना स्थलों तक तीन-स्तरीय ढांचा लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य अफसरशाही को कम करना, जवाबदेही बढ़ाना और निर्णय लेने तथा उनके क्रियान्वयन के बीच की दूरी को कम करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर प्रक्रिया और हर स्तर पर मूल्य सृजन जरूरी होगा। अदाणी ने कहा कि जो गतिविधियां समूह के मुख्य व्यवसाय का हिस्सा नहीं हैं, उन्हें ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) या चुनिंदा साझेदारों को सौंप दिया जाएगा ताकि कंपनी अपनी मूल क्षमताओं पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर सके।
दूसरा सिद्धांत: कॉन्ट्रैक्टर्स नहीं, विकास के साझेदार
अदाणी ने अपने दूसरे सिद्धांत में कॉन्ट्रैक्टर्स की भूमिका को नई पहचान दी। उन्होंने कहा कि अदाणी समूह अब ठेकेदारों को केवल सेवा प्रदाता नहीं बल्कि देश निर्माण के दीर्घकालिक साझेदार के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि कंपनी ऐसी साझेदारी विकसित करेगी जिसमें कॉन्ट्रैक्टर्स की वृद्धि को समर्थन मिलेगा, उनके लाभ सुरक्षित रहेंगे और उनके हित कंपनी के हितों से जुड़े रहेंगे। अदाणी के मुताबिक इससे परियोजनाओं को अधिक तेजी, बेहतर गुणवत्ता और मजबूत स्वामित्व भावना के साथ पूरा किया जा सकेगा।
तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत: श्रमिकों की गरिमा सर्वोपरि
गौतम अदाणी ने अपने तीसरे और सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत में श्रमिकों की गरिमा और सम्मान को प्राथमिकता देने की घोषणा की।उन्होंने बताया कि अदाणी समूह और उसके कॉन्ट्रैक्टर्स के माध्यम से लगभग चार लाख लोग कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 85 प्रतिशत कर्मचारी परियोजना स्थलों पर जमीनी स्तर पर काम करते हैं। अदाणी ने कहा कि यही कर्मचारी कंपनी की योजनाओं को वास्तविकता में बदलते हैं और इसलिए उनके सम्मान और कल्याण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए समूह ने श्रमिकों के लिए स्वच्छ आवास, पौष्टिक भोजन, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, सुरक्षित कार्यस्थल और समय पर सही वेतन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
भारत के भविष्य पर जताया भरोसा
अपने संबोधन के दौरान गौतम अदाणी ने भारत की आर्थिक संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि आने वाला दशक देश के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि अदाणी समूह केवल कारोबार बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह भारत के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा। अदाणी के इस विजन को उद्योग जगत में अगले दशक की कारोबारी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें विकास के साथ-साथ साझेदारी और मानवीय मूल्यों को भी बराबर महत्व दिया गया है।






