सांसद ढुलू महतो की पहल लाई रंग: धनबाद-मुंबई स्पेशल का एक फेरा बढ़ा, नई वीकली ट्रेन को हरी झंडी

धनबाद से मुंबई के बीच रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। स्पेशल ट्रेन के अतिरिक्त फेरे के साथ 6 अप्रैल से नई साप्ताहिक ट्रेन शुरू होने जा रही है, जिससे लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी।

सांसद ढुलू महतो की पहल लाई रंग: धनबाद-मुंबई स्पेशल का एक फेरा बढ़ा, नई वीकली ट्रेन को हरी झंडी
धनबाद से मुंबई कनेक्टिविटी को बड़ी सौगात।

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयला राजधानी धनबाद से मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। धनबाद-लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन के फेरे बढ़ा दिए गए हैं, वहीं 6 अप्रैल से नई साप्ताहिक ट्रेन शुरू करने की तैयारी भी तेज हो गई है। रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

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 क्या है नया अपडेट
03379 धनबाद-लोकमान्य तिलक स्पेशल 31 मार्च को अतिरिक्त फेरा लगाएगी
03380 लोकमान्य तिलक-धनबाद स्पेशल 2 अप्रैल को चलेगी
6 अप्रैल से नई साप्ताहिक ट्रेन चलाने की तैयारी
टिकट बुकिंग शुरू, सीटें फिलहाल उपलब्ध

रेलवे के अनुसार, यह निर्णय यात्रियों की भारी भीड़ और हावड़ा-मुंबई मेल में लंबी वेटिंग को देखते हुए लिया गया है।

लाखों यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा

इस नई ट्रेन सेवा से धनबाद, कतरास, चंद्रपुरा और बोकारो थर्मल क्षेत्र के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। अब मुंबई जाने के लिए लंबी वेटिंग और परेशानी का सामना कम करना पड़ेगा।

सांसद ढुलू महतो की पहल लाई रंग

इस बड़ी उपलब्धि का श्रेय Dhullu Mahto को दिया जा रहा है, जिन्होंने लंबे समय से इस ट्रेन के नियमितीकरण और नई सेवा की मांग उठाई थी। सांसद ने इस फैसले के लिए रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw का आभार जताते हुए कहा कि यह जीत धनबाद की जनता के अधिकार और सम्मान की जीत है।

सांसद दिखाएंगे हरी झंडी

यह पहली बार होगा जब धनबाद से मुंबई के लिए नई ट्रेन को सांसद स्वयं हरी झंडी दिखाएंगे। साथ ही चंद्रपुरा, डालटनगंज समेत कई स्टेशनों पर स्वागत समारोह आयोजित किए जाएंगे।

 कब से चलेगी नई ट्रेन
धनबाद से संभावित शुरुआत: 6 अप्रैल
मुंबई से वापसी: 8 अप्रैल
(आधिकारिक तिथि की घोषणा जल्द)
क्यों अहम है यह फैसला
मुंबई के लिए सीधी कनेक्टिविटी मजबूत
औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों को राहत
व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
रेलवे नेटवर्क में धनबाद की अहमियत और बढ़ेगी

53 हजार यात्रियों वाले धनबाद स्टेशन को मिले विश्वस्तरीय सुविधाएं

सांसद ढुलू महतो ने लोकसभा में “मेगा कोचिंग टर्मिनल योजना” के अंतर्गत धनबाद रेलवे स्टेशन को शामिल करने को लेकर महत्वपूर्ण एवं जनहित से जुड़ा प्रश्न उठाया है।सांसद की इस पहल ने न केवल धनबाद की आवश्यकताओं को उजागर किया, बल्कि क्षेत्र के लाखों यात्रियों की सुविधा और भविष्य की जरूरतों को भी केंद्र में लाने का कार्य किया है। संसद में प्रस्तुत जवाब के अनुसार, धनबाद जंक्शन प्रतिदिन लगभग 53,000 यात्रियों की आवाजाही संभालता है तथा यहाँ 146 ट्रेनों का संचालन होता है, जो इसे देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में शामिल करता है। यह आंकड़े स्वयं इस बात का प्रमाण हैं कि धनबाद को उच्च स्तरीय रेलवे सुविधाओं की तत्काल आवश्यकता है।

रेल मंत्रालय ने यह भी बताया कि वर्तमान में धनबाद स्टेशन पर 15 लाइनें और 8 प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रतीक्षालय, फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट एवं पेयजल जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैं। प्लेटफॉर्म संख्या 8 के विस्तार एवं फुट ओवर ब्रिज के विस्तार का कार्य प्रगति पर है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया कि धनबाद स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जा रहा है और वर्तमान में इसका मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में स्टेशन का स्वरूप आधुनिक एवं सुविधाजनक बनेगा।

सांसद ढुलू महतो ने कहा कि धनबाद न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के औद्योगिक और आर्थिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहाँ कोयला उद्योग, व्यापारिक गतिविधियों एवं बढ़ती आबादी के कारण यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में रेलवे सुविधाओं का विस्तार समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने रेल मंत्रालय से आग्रह किया कि धनबाद को मेगा कोचिंग टर्मिनल के रूप में विकसित करने पर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि ट्रेनों के संचालन, रखरखाव एवं यात्री सुविधाओं में व्यापक सुधार हो सके। इससे न केवल धनबाद बल्कि पूरे झारखंड और आसपास के क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।

सांसद ने  कहा कि वे धनबाद की जनता के हितों के लिए निरंतर संघर्षरत हैं और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में धनबाद रेलवे स्टेशन को आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।

केन्द्रीय विद्यालय (केवी) नंबर-2 के स्थायी भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त

धनबाद सांसद Dhullu Mahto जी द्वारा लोकसभा में केन्द्रीय विद्यालय (केवी) नंबर-2, धनबाद के स्थायी भवन निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए जाने के बाद इस दिशा में बड़ी प्रगति सामने आई है। सांसद ने सदन में यह मुद्दा उठाया था कि वर्ष 2018 में 5 एकड़ भूमि के हस्तांतरण के बावजूद अतिक्रमण और न्यायालय में लंबित मामले के कारण वर्षों से भवन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इस पर उन्होंने सरकार से स्पष्ट जवाब और समाधान की मांग की थी।

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री द्वारा दिए गए उत्तर में बताया गया कि पूर्व में आवंटित भूमि पर अतिक्रमण एवं कोर्ट केस के कारण निर्माण कार्य संभव नहीं हो पाया। इसके समाधान हेतु झारखंड सरकार द्वारा मौजा-सबलपुर, धनबाद में 4.30 एकड़ वैकल्पिक भूमि चिन्हित कर सितंबर 2023 में उपलब्ध कराई गई, जिसे नवंबर 2025 में स्थायी रूप से केन्द्रीय विद्यालय संगठन (KVS) को हस्तांतरित कर दिया गया है। *इसके साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि इस परियोजना के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) को सौंपी गई है तथा राज्य सरकार द्वारा सड़क, भूमि समतलीकरण (अर्थ फिलिंग) एवं पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जा रही है।


बोकारो को अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जोड़ने की मांग

धनबाद सांसद Dhullu Mahto ने लोकसभा में अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) के अंतर्गत बोकारो जिले में भूमि आवंटन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उठाकर क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से रखा।सांसद  द्वारा पूछे गए प्रश्नों में बोकारो जिले में भूमि आवंटन की स्थिति, भतुआ गांव में उपलब्ध लगभग 700 एकड़ भूमि के उपयोग, संबंधित मंत्रालयों के बीच समन्वय, तथा परियोजना के क्रियान्वयन की समयसीमा जैसे अहम विषय शामिल थे।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री द्वारा दिए गए उत्तर में बताया गया कि राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम (NICDP) के तहत राज्य सरकार की ओर से भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के बाद ही आगे की प्रक्रिया जैसे फिजिबिलिटी स्टडी एवं मास्टर प्लान तैयार किया जाता है। वर्तमान में झारखंड सरकार द्वारा उपयुक्त भूमि की पुष्टि नहीं की गई है, जिसके कारण परियोजना की प्रगति आगे नहीं बढ़ पाई है।

 सांसद ने कहा कि धनबाद-बोकारो क्षेत्र औद्योगिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, और यहां AKIC परियोजना का विस्तार होने से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि शीघ्र भूमि उपलब्धता सुनिश्चित कर इस परियोजना को आगे बढ़ाने में सहयोग करे। सांसद ने यह भी आश्वासन दिया कि वे केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय स्थापित कर इस महत्वपूर्ण परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे, ताकि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार और उद्योगों को नई दिशा मिल सके।