धनबाद में महिला स्वास्थ्य पर मंथन, देशभर के गायनी विशेषज्ञों का होगा महासम्मेलन

धनबाद में 16-17 मई को डीएसओजी का स्वर्ण जयंती वार्षिक सम्मेलन आयोजित होगा। “स्वस्थ नारी, सशक्त society” थीम पर देशभर के 300 से अधिक स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ महिला स्वास्थ्य, सुरक्षित मातृत्व, नई तकनीकों और पीपीएच प्रबंधन पर चर्चा करेंगे।

धनबाद में महिला स्वास्थ्य पर मंथन, देशभर के गायनी विशेषज्ञों का होगा महासम्मेलन
300 चिकित्सकों की भागीदारी होगी।
  • धनबाद में जुटेंगे देशभर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ
  • “स्वस्थ नारी, सशक्त समाज” थीम पर डीएसओजी मनाएगी स्वर्ण जयंती सम्मेलन

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयलांचल धनबाद जल्द ही देशभर के नामी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। धनबाद सोसायटी ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी (डीएसओजी) अपने स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर 16 और 17 मई को दो दिवसीय भव्य वार्षिक सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। यह सम्मेलन धनबाद के ग्रैंड मिराज रेडिएशन इंडिविजुअल्स में आयोजित होगा, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से वरिष्ठ डॉक्टर, विशेषज्ञ चिकित्सक और स्वास्थ्य पेशेवर शामिल होंगे।

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सम्मेलन का मुख्य विषय “स्वस्थ नारी, सशक्त समाज” रखा गया है। आयोजन समिति के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को चिकित्सकीय प्रैक्टिस में शामिल करने पर गंभीर मंथन करना है।

300 से अधिक चिकित्सक होंगे शामिल

गुरुवार को आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. कोमल सिंह और सचिव डॉ. रीना बरनवाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि सम्मेलन में देशभर से 25 से अधिक वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टर और करीब 300 चिकित्सकों की भागीदारी होगी। सम्मेलन के दौरान महिला स्वास्थ्य से जुड़े अहम विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान, वैज्ञानिक सत्र और इंटरैक्टिव चर्चाएं आयोजित की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में स्त्री रोग एवं प्रसूति चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध, अत्याधुनिक तकनीकों और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा होगी। इससे युवा डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों को भी नई जानकारियां और प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।

सुरक्षित मातृत्व और मातृ मृत्यु दर पर होगा फोकस

सम्मेलन में सुरक्षित मातृत्व, गर्भावस्था के दौरान जटिल समस्याओं का प्रबंधन, महिलाओं में बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियां और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उपायों पर विशेष चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञ चिकित्सक अपने अनुभव साझा करेंगे और बताएंगे कि आधुनिक तकनीकों की मदद से महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कैसे उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में मातृ मृत्यु दर को कम करने और महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सकों को लगातार अपडेट रहना बेहद जरूरी है। यही वजह है कि इस तरह के वैज्ञानिक सम्मेलन चिकित्सा जगत के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

पीपीएच वर्कशॉप बनेगा सम्मेलन का मुख्य आकर्षण

सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण पीपीएच (पोस्ट पार्टम हेमरेज) वर्कशॉप होगा। पीपीएच प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव की गंभीर स्थिति है, जिसे दुनियाभर में मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों में गिना जाता है। वर्कशॉप के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टर इस गंभीर स्थिति से निपटने के आधुनिक तरीकों, इमरजेंसी मैनेजमेंट, नई तकनीकों और जीवनरक्षक उपचार प्रक्रियाओं की जानकारी देंगे। आयोजकों का कहना है कि इस प्रशिक्षण से चिकित्सकों को जटिल परिस्थितियों में बेहतर और तेज उपचार देने में मदद मिलेगी।

महिला स्वास्थ्य जागरूकता को मिलेगा बढ़ावा

डीएसओजी के पदाधिकारियों ने कहा कि स्वर्ण जयंती वर्ष पर आयोजित यह सम्मेलन केवल चिकित्सकों का वैज्ञानिक आयोजन नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और जागरूकता को समर्पित एक सामाजिक अभियान भी है। सम्मेलन के जरिए महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, नियमित जांच की अहमियत बताने और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने का संदेश दिया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की नींव होती है। इसी सोच को केंद्र में रखकर इस वर्ष सम्मेलन की थीम तय की गई है।