चतरा (Threesocieties.com Desk ): झारखंड के चतरा जिले के टंडवा क्षेत्र में कोयला परिवहन अब आम लोगों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। कालीचरण सिंह, चतरा के सांसद, ने इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार से बड़ी मांग कर दी है।
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कोयला ढुलाई से बढ़ा सड़क पर दबाव
टंडवा स्थित मगध कोयला परियोजना और आम्रपाली कोयला परियोजना से बड़े पैमाने पर कोयले की ढुलाई हो रही है। फिलहाल यह परिवहन सामान्य सड़कों के जरिए किया जा रहा है, जिससे इलाके में ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। भारी वाहनों की दिन-रात आवाजाही ने सड़क व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब सड़क पर निकलना भी जोखिम भरा हो गया है।
बढ़ते हादसे, लोगों में डर का माहौल
सांसद कालीचरण सिंह ने कहा कि भारी वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। कई लोगों की जान जा चुकी है, जिससे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर रोजाना काम पर निकलने वाले लोगों तक—हर वर्ग इस समस्या से प्रभावित हो रहा है। आम यातायात भी बुरी तरह बाधित हो रहा है।
अलग ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर की मांग
सांसद ने केंद्र सरकार से अपील की है कि टंडवा से कोयला परियोजनाओं तक समर्पित कोयला परिवहन कॉरिडोर का जल्द निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि अगर अलग कॉरिडोर बनता है तो:
सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी
आम लोगों की सुरक्षा बढ़ेगी
ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी
क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी
सरकार पर बढ़ा दबाव
इस मांग के बाद अब केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ गया है कि वह जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाए। स्थानीय लोग भी लंबे समय से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं।
निष्कर्ष
टंडवा में कोयला परिवहन की मौजूदा व्यवस्था अब आम जनजीवन पर भारी पड़ रही है। ऐसे में अलग ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर की मांग न केवल जरूरी, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा और विकास के लिए बेहद अहम बन गई है। अगर समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है।