बिहार: 'सरेंडर नहीं, युद्ध होगा' कहकर फेसबुक लाइव में लहराई पिस्टल, पुलिस एनकाउंटर में ढेर
भोजपुर के शाहपुर में फेसबुक लाइव पर हथियार लहराकर पुलिस को चुनौती देने वाला युवक पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में शाहपुर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है तथा उच्चस्तरीय जांच जारी है।
Highlights
- भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौंटी गांव की घटना
- पुलिस के अनुसार आरोपी ने की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में लगी गोली
- घायल युवक की पटना में इलाज के दौरान मौत
- शाहपुर थानाध्यक्ष को निलंबित किया गया
आरा (Threesocieties.com Desk): बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौंटी गांव में फेसबुक लाइव के जरिए पुलिस को खुली चुनौती देने वाले एक युवक की पुलिस कार्रवाई के बाद मौत हो गई। युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वह हथियार लहराते हुए पुलिस को ललकारता दिखाई दे रहा था। वीडियो में उसने कथित तौर पर कहा था, "सरेंडर नहीं, युद्ध होगा", जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
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घटना के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और भारी संख्या में पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। अधिकारियों के अनुसार, युवक को शांतिपूर्वक आत्मसमर्पण कराने की कोशिश की गई, लेकिन उसने पुलिस की अपील मानने से इनकार कर दिया।
फेसबुक लाइव पर दिखाता रहा पुलिस की घेराबंदी
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान युवक फेसबुक लाइव करता रहा। उसके एक हाथ में पिस्टल और दूसरे हाथ में मोबाइल था। लाइव वीडियो में वह पुलिस की मौजूदगी और कार्रवाई को दिखाते हुए लगातार चुनौतीपूर्ण बयान दे रहा था। युवक द्वारा सोशल मीडिया पर की गई इस हरकत ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया। देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया और बड़ी संख्या में लोग इस घटना को ऑनलाइन देखने लगे।
पुलिस ने किया गांव की घेराबंदी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चल रहे अभियान के दौरान युवक को समझाने का प्रयास किया गया। हालांकि पुलिस का दावा है कि आरोपी लगातार आक्रामक बना रहा और आत्मसमर्पण करने को तैयार नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की प्राथमिकता उसे सुरक्षित गिरफ्तार करना था, लेकिन हालात लगातार तनावपूर्ण होते गए।
मुठभेड़ में लगी गोली
पुलिस के अनुसार, युवक ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। इस दौरान उसके दोनों पैरों में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। घायल अवस्था में उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल बन गया। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई।
हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस ने दावा किया है कि घटनास्थल से एक पिस्टल, जिंदा कारतूस और मैगजीन बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई आत्मरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई। हालांकि पूरे मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
थानाध्यक्ष निलंबित, जांच के आदेश
घटना के बाद पुलिस विभाग ने प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए शाहपुर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है और पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। मामले की मजिस्ट्रेट निगरानी में जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया और कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के दुरुपयोग और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। फेसबुक लाइव के जरिए पुलिस को चुनौती देने और हथियारों का प्रदर्शन करने की घटना ने प्रशासनिक तंत्र को भी सतर्क कर दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर कड़ी की जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि तथ्य सामने आने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।कर दी गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए भरत के आखिरी फेसबुक लाइव वीडियो ने भी कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
फेसबुक LIVE में दी थी पुलिस को चुनौती
भोजपुर के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर हथियार के साथ वीडियो पोस्ट कर रहा था। वीडियो में वह पुलिस और प्रशासन को खुली चुनौती देता नजर आ रहा था। एक वायरल वीडियो में उसने कहा था- "सरेंडर नहीं, युद्ध होगा"। पुलिस के अनुसार भरत के पास एक अवैध पिस्टल थी और वह लगातार भड़काऊ पोस्ट कर रहा था। उसने कथित रूप से स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को भी धमकी दी थी।
पुलिस पहुंची तो शुरू हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा
बुधवार सुबह सूचना मिली कि भरत तिवारी हथियार लेकर गांव में हवाई फायरिंग कर रहा है। इसके बाद शाहपुर पुलिस और एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची। पूरे इलाके की घेराबंदी कर उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भरत लगातार फेसबुक लाइव कर रहा था। एक हाथ में मोबाइल और दूसरे हाथ में पिस्टल लेकर वह पुलिस की मौजूदगी दुनिया को दिखा रहा था। इस दौरान गांव में भारी तनाव का माहौल बन गया।
आखिरी LIVE VIDEO बना विवाद की वजह
घटना का सबसे चर्चित पहलू भरत तिवारी का आखिरी फेसबुक लाइव वीडियो है। वीडियो में वह पुलिस से बातचीत करता दिखाई देता है। वीडियो के अंतिम हिस्से में भरत अपनी पिस्टल पुलिस की दिशा में फेंकता नजर आता है। यही वीडियो अब परिवार के दावों को बल दे रहा है। परिजनों का कहना है कि जब भरत हथियार छोड़ चुका था तो फिर गोली क्यों चलाई गई?
परिवार का आरोप- सरेंडर के बाद मारी गोली
भरत की मां और अन्य परिजनों का आरोप है कि उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। उनका कहना है कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के बजाय गोली मार दी। परिवार का दावा है कि वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत हथियार फेंककर सरेंडर कर रहा था। इसलिए पूरे एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पुलिस का पक्ष: आत्मरक्षा में हुई कार्रवाई
भोजपुर एसपी राज के अनुसार भरत तिवारी लगातार पुलिस टीम पर फायरिंग कर रहा था। उसे काबू करने के लिए एसटीएफ के जवान बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर आगे बढ़े थे। पुलिस का दावा है कि जब जवान उसके नजदीक पहुंचे तो उसने फिर गोली चलाई। इसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई, जिसमें उसके पैर में गोली लगी। गंभीर रूप से घायल भरत को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में पटना के पीएमसीएच रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
कई सवालों के जवाब तलाश रही जांच
भरत तिवारी की मौत के बाद अब कई सवाल चर्चा में हैं। क्या उसने वास्तव में आत्मसमर्पण कर दिया था? क्या पुलिस की कार्रवाई नियमों के तहत हुई? वायरल फेसबुक लाइव वीडियो में दिखाई गई घटनाएं और पुलिस के दावों में कितना अंतर है? इन सभी सवालों के जवाब अब जांच रिपोर्ट से सामने आएंगे। फिलहाल भोजपुर का यह मामला बिहार की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल हो गया है और जांच पूरी होने तक इस पर बहस जारी रहने की संभावना है।






