झारखंड में राज्यसभा सीटों पर सियासी संग्राम: JMM दोनों सीटों पर अड़ा, कांग्रेस बोली- प्रत्याशी नहीं हटेगा

झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में खींचतान बढ़ गई है। JMM दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रहा है, जबकि कांग्रेस अपने प्रत्याशी प्रणव झा को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रही।

झारखंड में राज्यसभा सीटों पर सियासी संग्राम: JMM दोनों सीटों पर अड़ा, कांग्रेस बोली- प्रत्याशी नहीं हटेगा

     HighLights

  • झामुमो दोनों राज्यसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारने पर गंभीरता से विचार कर रहा
  • कांग्रेस के एकतरफा प्रत्याशी घोषणा से JMM में बढ़ी नाराजगी
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अंतिम फैसला लेने का मिला अधिकार
  • कांग्रेस विधायक दल ने प्रणव झा के समर्थन में दिखाई एकजुटता
  • गठबंधन के पास 56 विधायक, दोनों सीटें जीतने का मजबूत गणित

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ महागठबंधन के भीतर बड़ा राजनीतिक टकराव खुलकर सामने आने लगा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) राज्यसभा की दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने पर गंभीरता से विचार कर रहा है, जबकि कांग्रेस अपने घोषित उम्मीदवार प्रणव झा को मैदान से हटाने के मूड में नहीं दिख रही। ऐसे में राज्यसभा चुनाव से पहले गठबंधन के भीतर तनाव बढ़ गया है।

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शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई JMM विधायकों की अहम बैठक में अधिकांश विधायकों ने सुझाव दिया कि पार्टी को दोनों सीटों पर अपना दावा पेश करना चाहिए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अंतिम निर्णय लेने के लिए पूर्ण अधिकार दे दिया गया।

कांग्रेस के एकतरफा फैसले से बढ़ी नाराजगी

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस द्वारा बिना औपचारिक चर्चा के उम्मीदवार घोषित किए जाने से JMM नेतृत्व बेहद असहज है। पार्टी नेताओं का मानना है कि गठबंधन सहयोगियों से संवाद किए बिना प्रत्याशी घोषित करना गठबंधन की भावना के खिलाफ है।JMM के वरिष्ठ नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि इस निर्णय में राजद और भाकपा माले जैसे सहयोगियों को भी विश्वास में नहीं लिया गया। पार्टी के भीतर यह भावना मजबूत हुई है कि दोनों सीटों पर JMM को अपना राजनीतिक दावा पेश करना चाहिए।

कांग्रेस भी पीछे हटने को तैयार नहीं

दूसरी तरफ JMM के रुख की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस ने भी अपने विधायक दल की बैठक बुलाकर शक्ति प्रदर्शन किया। बैठक में सर्वसम्मति से राज्यसभा उम्मीदवार प्रणव झा के समर्थन का फैसला लिया गया।कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने स्पष्ट संकेत दिया कि पार्टी अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करेंगे और गठबंधन के भीतर बनी दूरियों को कम करने की कोशिश की जाएगी।

क्या बिगड़ सकता है गठबंधन का समीकरण?

झारखंड विधानसभा में कुल 81 सदस्य हैं। राज्यसभा चुनाव में एक उम्मीदवार को जीतने के लिए न्यूनतम 28 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत होती है।

वर्तमान में सत्तारूढ़ गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं—

JMM – 34 विधायक
कांग्रेस – 16 विधायक
राजद – 4 विधायक
भाकपा माले – 2 विधायक

यानी संख्या बल के आधार पर गठबंधन दोनों सीटें आराम से जीत सकता है। लेकिन यदि सहयोगी दल अलग-अलग रणनीति अपनाते हैं, तो यह चुनाव राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई में बदल सकता है।

सहयोगियों की अनदेखी से RJD नाराज
राज्यसभा की दो सीटों पर झामुमो और कांग्रेस के अलग-अलग सुर से राजद और भाकपा माले भी पशोपेश में है।बिना सहयोगी दलों की सहमति के कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी उतारे जाने तथा उसपर झामुमो की तल्खी के बाद प्रदेश राजद ने पार्टी की रणनीति पर केंद्रीय नेतृत्व से दिशा-निर्देश मांगने का निर्णय किया है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष सह हुसैनाबाद से निर्वाचित विधायक संजय कुमार सिंह यादव ने कहा कि राजद महागठबंधन के साथ है।इसके बावजूद बिना राजद से संपर्क किए झामुमो व कांग्रेस ने जिस तरह से प्रत्याशी उतारने का निर्णय लिया है, उसके बाद अब एक ही उपाय है कि पार्टी के आलाकमान का जो दिशा-निर्देश होगा, उनके अनुरूप ही राजद के विधायक चुनाव में अपनी भूमिका निभाएंगे।

इधर, महागठबंधन दल का चौथा घटक दल भाकपा माले भी अब तक किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सका है। भाकपा माले के राज्य सचिव मनोज भक्त ने बताया कि उनकी पार्टी से भी महागठबंधन दल के किसी भी दल ने संपर्क नहीं किया है।

बिहार चुनाव की नाराजगी भी आई सामने

JMM नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा भी तेज है कि बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी को अपेक्षित राजनीतिक सम्मान नहीं मिला। कुछ नेताओं का मानना है कि अब JMM को अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का समय है।

किन सीटों पर हो रहा चुनाव?

राज्यसभा की जिन दो सीटों पर चुनाव होना है, उनमें से एक सीट शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई है, जबकि दूसरी सीट भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने के कारण रिक्त हो रही है। इन दोनों सीटों के लिए मतदान 18 जून को प्रस्तावित है।

अब सबकी नजर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है। यदि JMM दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारता है, तो यह सिर्फ राज्यसभा चुनाव नहीं बल्कि महागठबंधन के भीतर शक्ति परीक्षण भी बन जाएगा।