जोधपुर। इंडिया-पाकिस्तान इंटरनेशनल बोर्डर पर राजस्थानके जैसलमेर जिले में स्थित इंडियन आर्मी के किशनगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज में रविवार को मोर्टार का गोला फट गया। इस हादसे में झारखंड के धनबाद जिला टुंडी चरककला गांव निवासी बीएसएफ के कांस्टेबल संदीप सिंह शहरीद हो गये। इस घटना में पांच जवान घायल हुए हैं।
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संदीप को है एक तीन साल की बच्ची
हादसे में शहीद बीसीएफ जवान संदीप सिंह टुंडी ब्लॉक के मनियाडीह पुलिस स्टेशन एरिया के चरककला गांव के रहने वाले थे। शहादत की खबर मिलते ही उनके घर समेत पूरे टुंडी में गम का माहौल है। संदीप की शादी मई 2017 में गोड्डा के पोड़ेयाहाट के गांव चतरा में हुई। उनकी एक तीन साल की बच्ची सौम्या सिंह है। घटना की सूचना बीएसएफ अफसरों ने सुबह फोन पर घर के लोगो को दी।
फायरिंग रेंज में प्रैक्टिस के दौरान हुआ हादसा
इंडिया-पाकिस्तान बॉर्डर पर किशनगढ़ तनोत के पास स्थित फायरिंग रेंज लगातार अभ्यास चलता रहता है। बीएसएफ के जवान रविवार को भी नियमित अभ्यास में थे। इसी दौरान सुबह मोर्टार का गोला फट गया। हादसा होते ही वहां अफरातफरी मच गई। घायल जवानों को तत्काल समीप स्थित रामगढ़ के हॉस्पीटल पहुंचाया गया।इलाज के दौरान डॉक्टर्स ने संदीप को मृत घोषित कर दिया।
अलाव सेकने दौरान फुटबाल की तरह उछल गये जवान
बताया जाता है फायरिंग रेंज में अभ्यास के लिए आये बीएसएफ वान सर्दी के कारण साफ जगह देखकर अलाव जलाकर तापने लगे। जवानों को जानकारी नहीं थी कि जमीन के नीचे बम दबा हुआ है। कुछ ही देर में आग की गर्मी जमीन में दबे बम तक पहुंच गई। उसमें जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि जवान काफी दूर तक उछलकर जा गिरे। अफरातफरी मच गई। हादसे की जानकारी मिलने पर बीएसएफ के सीनीयर अफसर रामगढ़ हॉस्पीटल पहुंचे। घायलों का बेहतर इलाज के लिए जैसलमेर भिजवाया गया
जमीन के नीचे था बम
किशनगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज में फायरिंग का प्रैक्टिस चलता रहता है। फायरिंग के दौरान कुछ बम ऐसे होते है जो फटते नहीं है।बाम जमीन में दबे रह जाते हैं। इस रेंज में स्क्रेप बीनने का कंट्रेक्ट नहीं होने के कारण बीते पांच वर्षों से चल रही फायरिंग का स्क्रेप रेंज में ही बिखर पड़ा है। इसमें कई जीवित बम जमीन में दबे पड़े हैं। अगर यहां से स्क्रेप बीनने का कंट्रेक्ट हो चुका होता तो शायद ये हादसा नहीं होता।