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नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल 21 सितंबर को राज्यसभा में सर्वसम्मति से से पारित हो गया। बिल के पक्ष में 215 वोट पड़े। विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा।
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल 20 सितंबर को ही पारित हो गया था। बिल को लोकसभा में 454 वोट के साथ पास किया गया था। विरोध में केवल दो वोट पड़े थे।

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दोनों सदनों से बिल पास होनेके बाद इसे स्वीकृति के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म के पास भेजा जायेगा। वहां से मंजूरी मिलने के साथ ही यह कानून बन जायेगा।
विधेयक के पास होने के बाद सभापति धनखड़ ने कहा कि यह एक सुखद संयोग है कि हिंदू रीति के अनुसार आज PM मोदी का जन्मदिन है। मैं उन्हें बधाई देता हूं। बिल पास होने के बाद राज्यसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा में बिल पर चल रही चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि ''इस बिल से देश के लोगों में एक नया विश्वास पैदा होगा।

उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को एक विशेष सम्मान सिर्फ विधेयक पारित होने से मिल रहा है ऐसा नहीं है, बल्कि इस विधेयक के प्रति देश के सभी राजनीतिक दलों की सकारात्मक सोच होना ये हमारे देश की नारी शक्ति को नई ऊर्जा देने वाली है। पीएम ने कहा  हमने बिल पर सार्थक चर्चा की है, भविष्य में इस चर्चा का एक-एक शब्द काम आने वाला है। हर शब्द का अपना मूल्य है, महत्व है। सभी सांसदों ने अपने बयान के शुरुआत में कहा कि मैं बिल का समर्थन करता हूं। इसके लिए सबका आभार। यह इससे देश के जन-जन में आत्मविश्वास पैदा करेगा। सभी सांसदों और दलों ने बहुत अहम भूमिका निभाई है। सभी सांसदों से अनुरोध है कि सर्वसम्मति से इसे पास करें।
महिलाओं को लोकसभा-विधानसभाओं में 33% आरक्षण मिलेगा
अब महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन विधेयक) राष्ट्रपति के पास भेजा जायेगा। उनकी मंजूरी मिलते ही यह कानून बन जायेगा। यह बिल लोकसभा में कल (बुधवार को) पास हुआ था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण मिलेगा।
महिला आरक्षण बिल जुमला न बने, इसे लागू किया जाए: खरगे 
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मैं और मेरी पार्टी इस बिल का समर्थन करती है। यह बिल आने वाला है हमें इसकी जानकारी पहले से नहीं थी। लेकिन उपराष्ट्रपति जी को पहले से पता था कि बिल आने वाला है। आपने चार सितंबर को जयपुर में कहा था- वो दिन दूर नहीं जब देश की संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिलेगा। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने पहले कहा था दो करोड़ नौकरियां देंगे, 15-15 लाख सबके खाते में देंगे। बाद में उनसे पूछा गया कब देंगे तो कहा- ये तो चुनावी जुमला था। मैं चाहता हूं कि महिला आरक्षण बिल जुमला न बने, इसे लागू किया जाए। जैसे आपने नोटबंदी का निर्णय तुरंत लिया था, वैसे ही आरक्षण लागू करने का फैसला भी तुरंत लीजिए।