मां के प्यार में बेटे ने खड़ा कर दिया ‘ताजमहल’! तमिलनाडु के इस अनोखे स्मारक को देखने उमड़ रही भीड़

चेन्नई के व्यवसायी अमूरदीन ने अपनी दिवंगत मां जेलानी बीवी की याद में तमिलनाडु के तिरुवारूर जिले में ताजमहल जैसी भव्य इमारत बनवाई है। सफेद संगमरमर और मुगल शैली में बना यह स्मारक अब लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है।

मां के प्यार में बेटे ने खड़ा कर दिया ‘ताजमहल’! तमिलनाडु के इस अनोखे स्मारक को देखने उमड़ रही भीड़
तमिलनाडु के तिरुवारूर जिले का 'ताजमहल'।

चेन्नई(Threesocieties.com Desk) : प्यार की मिसाल के रूप में दुनिया ताजमहल को जानती है, लेकिन अब तमिलनाडु के तिरुवारूर जिले से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया है। यहां चेन्नई के एक व्यवसायी अमूरदीन ने अपनी दिवंगत मां जेलानी बीवी की याद में ताजमहल जैसी भव्य इमारत बनवाई है, जो अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है।

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यह अनोखा स्मारक सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि एक बेटे के अपनी मां के प्रति अटूट प्रेम, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव की मिसाल बन गया है। गर्मी की छुट्टियों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं और इसे “तमिलनाडु का ताजमहल” कहा जा रहा है।
मां की याद को अमर करने का फैसला
बताया जाता है कि अमूरदीन के पिता का पहले निधन हो गया था। इसके बाद वर्ष 2020 में उनकी मां जेलानी बीवी ने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया। मां के जाने के बाद अमूरदीन गहरे भावनात्मक शून्य में चले गए। मां के प्रति उनके गहरे लगाव ने उन्हें कुछ ऐसा करने के लिए प्रेरित किया, जिससे उनकी याद हमेशा जीवित रहे। तभी उन्होंने अपनी मां की स्मृति में एक ऐसा स्मारक बनाने का निर्णय लिया, जो प्रेम और सम्मान का स्थायी प्रतीक बन सके।
ताजमहल से ली प्रेरणा
अमूरदीन ने इस स्मारक के निर्माण के लिए आगरा के ताजमहल से प्रेरणा ली। जिस तरह मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में ताजमहल बनवाया था, उसी भावना के साथ अमूरदीन ने अपनी मां के लिए यह इमारत तैयार करवाई।
उन्होंने राजस्थान से सफेद संगमरमर मंगवाया और मुगल वास्तुकला शैली में इसका निर्माण कराया। भव्य गुंबद, ऊंची मीनारें और चमकदार संगमरमर इसे बेहद आकर्षक बनाते हैं।
करीब एक एकड़ में फैला है स्मारक
यह स्मारक लगभग एक एकड़ जमीन पर फैला हुआ है। इसका निर्मित क्षेत्र करीब 8 हजार वर्ग फीट है, जबकि इसकी चौड़ाई लगभग 46 फीट रखी गई है। इमारत की बनावट इतनी शानदार है कि पहली नजर में यह आगरा के ताजमहल की याद दिलाती है। आसपास के लोग ही नहीं, बल्कि दूर-दूर से आने वाले पर्यटक भी इसे देखने पहुंच रहे हैं।
गर्मी की छुट्टियों में बढ़ी पर्यटकों की भीड़
गर्मी की छुट्टियों के दौरान यहां आने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। जो लोग आगरा जाकर असली ताजमहल नहीं देख पाते, वे यहां आकर उसी तरह का अनुभव महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जगह अब एक नया पर्यटन केंद्र बनती जा रही है। लोग यहां फोटो खिंचवाने, वीडियो बनाने और इस अनोखी प्रेम कहानी को करीब से महसूस करने पहुंच रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी वायरल
अमूरदीन द्वारा बनवाया गया यह “मां का ताजमहल” सोशल Media पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस कहानी को पढ़कर भावुक हो रहे हैं और इसे मां के प्रति सच्चे प्रेम की मिसाल बता रहे हैं।
कई लोग इसे यह संदेश भी मान रहे हैं कि मां-बाप के प्रति सम्मान और प्रेम केवल शब्दों में नहीं, कर्मों में भी दिखना चाहिए।
प्रेम की नई परिभाषा
जहां दुनिया अक्सर प्रेम को पति-पत्नी के रिश्ते से जोड़कर देखती है, वहीं अमूरदीन ने यह साबित कर दिया कि मां के लिए बेटे का प्रेम भी उतना ही गहरा, पवित्र और अमर हो सकता है। तमिलनाडु का यह ताजमहल आज सिर्फ एक स्मारक नहीं, बल्कि उस भावना का प्रतीक है, जो हर बेटे के दिल में अपनी मां के लिए होती है।