- उपार्जित अवकाश पर गये हैं केके पाठक
- इस छुट्टी पर जाने से पद प्रभार छोड़ने की सामान्य प्रक्रिया
पटना। बिहार के सीनीयर आइएएस अफसर केके पाठक ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पद से इस्तीफा नहीं दिए हैं। उनके इस्तीफे की अफवाह उड़ायी है। वे सामान्य प्रक्रिया के तहत उपार्जित अवकाश पर 16 जनवरी पर हैं।
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उपार्जित अवकाश पर जाने वाले अफसर को सामान्य प्रशासन विभाग को सूचना देनी होती है, ताकि उनके छुट्टी में रहने पर दूसरे अफसर को संपूर्ण प्रभार दिया जा सके।1990 बैच के आईएएस अफसर केके पाठक स्वास्थ्य कारणों से आठ जनवरी से 16 जनवरी तक छुट्टी पर हैं। उनकी अनुपस्थिति मेंसरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की विशेष सचिव रचना पाटिल के साइन से नोटिफिकेशन जारी की गयी है। इसमें शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक का प्रभार शिक्षा सचिव वैद्यनाथ यादव को सौंप दिया गया। यादव को यह प्रभार आठ जनवरी से 16 जनवरी तक की अवकाश अवधि के लिए दिया गया है।
वायरल लेटर की सच्चाई
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक ने अपने पद (अपर मुख्य सचिव ) के प्रभार से परित्याग कर दिया है। पाठक ने इसे बात की सूचना राज्य के मुख्य सचिव , विकास आयुक्त , मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव , सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव एवंअन्य संबंधित अफसरों को अवगत करा दिया है। स्वास्थ्य कारणों से पाठक आठ जनवरी से 16 जनवरी तक छुट्टी पर हैं। इसके बाद से केके पाठक को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कोई उनके इस्तीफे की बात कर रहा है तो कोई कह रहा हैकि उनका ट्रांसफर होने वाला है।
सोशल मीडिया पर गुरुवार को एक पत्र वायरल हो गया, जिसके बाद उनके इस्तीफे की चर्चा ने और जोर पकड़ लिया है। लेटर की सच्चाई वायरल लेटर के ऊपर शेड्यूल नंबर 53 और फॉर्म नंबर 202 लिखा हुआ है। इसके बाद लेटर में लिखा है कि मैं अधोहस्ताक्षरकर्ता, केके पाठक, भा. प्र. से. (1990), सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार पटना के अधिसूचना संख्या - 1 / पी-1004 / 2021 / सा०प्र० - 590, दिनांक - 9.1.2024 के आलोक में आज दिनांक 9.1.2024 के अपराह्न मेंअपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार पटना के पद का प्रभार स्वतः परित्याग करता हूं। इसके बाद लेटर के नीचे कार्यमुक्त अधिकारी के रूप में केके पाठक के हस्ताक्षर किया गया है।
'परित्याग' से इस्तीफे की अटकलें
केके पाठक ने इस लेटर की कांपी स्टेट के चीफ सेकरेटरी , विकास आयुक्त , मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव , सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी को अवगत करा दिया है। इस लेटर में इस्तेमाल किये गये शब्द परित्याग को कई लोगों ने इस्तीफा समझ लिया। इसके बाद शुरू हो गई केके पाठक के इस्तीफे की खबर। पाठक ने अपनी तरफ से दिये प्रभार प्रतिवेदन में साफ कर दिया है कि उन्होंने अपने पद के प्रभार का परित्याग नौ जनवरी को सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी अधिसूचना के आलोक में किया है।
बैद्यनाथ यादव ने संभाला है प्रभार
पाठक के अवकाश पर जाने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने शिक्षा विभाग के सचिव बैद्यनाथ यादव को संपूर्ण कार्यों का निष्पादन की जिम्मेदारी सौंपी है। बैद्यनाथ यादव नौ जनवरी को ही प्रभार संभाल चुके हैं। गुरुवार दिन में यह खबर तेजी से फैली थी कि केके पाठक ने इस्तीफा दे दिया है। उनका त्याग पत्र भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था। हालांकि, शाम होते-होते अटकलबाजी पर विराम लग गया है।
केके पाठक के बारे में जानें
केके पाठक (kk pathak) 1990 बैच के IAS अफसर हैं। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश से की थी। IAS में बिहार कैडर मिलने पर 1990 में उन्हें कटिहार में पहली पोस्टिंग मिली। 1996 में पहली बार केके पाठक डीएम बने थे। 2015 में आबकारी नीति लागू करने में केके पाठक का अहम योगदान रहा।केके पाठक को जून 2023 में मद्य निषेध विभाग से हटाकर बिहार शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया। केके पाठक बचपन से पढ़ाई में मेधावी थे। केके पाठक ने अर्थशास्त्र से स्नातक कर रखा है। इसके बाद उन्होंने अर्थशास्त्र से ही एम. फिल किया है। केके पाठक की यूपीएससी में रैंक टॉप 40 में थी।