बिहार:हाजीपुर का ‘करोड़पति लेखापाल’ मनीष कुमार बेनकाब! EOU छापे में करोड़ों की संपत्ति उजागर

हाजीपुर नगर परिषद के लेखापाल मनीष कुमार के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति मामले में छापेमारी की। जांच में करोड़ों रुपये के निवेश, जमीन के दस्तावेज, आभूषण और अन्य संपत्तियों के कागजात मिले। ठेकेदार की थार गाड़ी को लेकर भी जांच तेज हो गई है।

बिहार:हाजीपुर का ‘करोड़पति लेखापाल’ मनीष कुमार बेनकाब! EOU छापे में करोड़ों की संपत्ति उजागर
हाजीपुर नगर परिषद के लेखापाल पर EOU की बड़ी कार्रवाई।

     HighLights

  • आय से 208.57 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में EOU की छापेमारी
  • लेखापाल मनीष कुमार के घर से नकदी, आभूषण, जमीन और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद
  • ठेकेदार जगदीश राय के नाम पर पंजीकृत थार से स्कूल जाता था बेटा स्कूल

हाजीपुर (Threesocieties.com Desk): नगर परिषद हाजीपुर के लेखापाल मनीष कुमार पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का शिकंजा कसता जा रहा है। आय से लगभग 208.57 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गुरुवार को EOU की टीम ने उनके आवास, कार्यालय और अन्य संबंधित ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये के निवेश, जमीन-जायदाद से जुड़े दस्तावेज, आभूषण और अन्य संपत्तियों के प्रमाण मिलने की बात सामने आई है।

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सुबह-सुबह पहुंची EOU टीम, घर में मचा हड़कंप

गुरुवार सुबह करीब 7:45 बजे EOU मुजफ्फरपुर की टीम नगर थाना पुलिस के साथ बागमली स्थित मनीष कुमार के आवास पहुंची। उस समय मनीष कुमार घर पर मौजूद नहीं थे। टीम ने उनकी पत्नी, मां और बेटे से पूछताछ की तथा घर की गहन तलाशी ली।करीब साढ़े आठ घंटे तक चली इस कार्रवाई में जांच अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े प्रमाण जुटाए। छापेमारी की सूचना मिलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई और दिनभर इस मामले की चर्चा होती रही।

नकदी, गहने और जमीन के कागजात बरामद

EOU की जांच में मनीष कुमार के घर से करीब 50 हजार रुपये नकद, लगभग 6.5 लाख रुपये मूल्य के आभूषण, विभिन्न बीमा योजनाओं के दस्तावेज, वाहन और जमीन से संबंधित महत्वपूर्ण कागजात बरामद हुए हैं।सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी को कई ऐसे निवेश संबंधी दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी वैधता और आय के स्रोत की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में संपत्ति का दायरा अपेक्षा से कहीं अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।

ठेकेदार की थार बनी जांच का नया केंद्र

छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों को एक थार एसयूवी मिली, जो नगर परिषद के लेखापाल मनीष कुमार के उपयोग में थी। जांच में पता चला कि वाहन जढुआ निवासी ठेकेदार जगदीश राय के नाम पर पंजीकृत है। इसके बाद EOU की टीम सीधे ठेकेदार के आवास पहुंची और वाहन के उपयोग, स्वामित्व तथा संभावित आर्थिक संबंधों को लेकर पूछताछ की। इस कड़ी ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

अनुकंपा नियुक्ति से लेखापाल तक का सफर

मनीष कुमार के पिता विश्वनाथ साह नगर परिषद में कार्यरत थे। उनके निधन के बाद वर्ष 2011 में मनीष कुमार को अनुकंपा के आधार पर सहायक पद पर नियुक्ति मिली थी। इसके बाद उन्हें लगातार पदोन्नति मिलती रही और वे लेखापाल के पद तक पहुंच गए।करीब 15 वर्षों के सेवा काल में उनकी आर्थिक स्थिति में तेजी से हुए बदलाव और अर्जित संपत्तियों को लेकर पहले भी स्थानीय स्तर पर चर्चाएं होती रही थीं। अब EOU की कार्रवाई के बाद इन चर्चाओं को नया आधार मिल गया है।

15 जून को पूछताछ के लिए बुलाया गया

EOU ने मनीष कुमार को नोटिस जारी कर 15 जून को उपस्थित होने का निर्देश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। जांच के बाद आय के ज्ञात स्रोतों और संपत्ति के बीच अंतर का अंतिम आंकलन किया जाएगा।

भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर EOU लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। हाजीपुर नगर परिषद के इस मामले को भी भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच के दायरे में और नामों के आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है और EOU की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।