RIMS बनेगा पूर्वी भारत का मेडिकल हब: MBBS सीटें 250, PG 275 और सुपर स्पेशियलिटी 100 तक बढ़ाने की योजना

झारखंड सरकार RIMS रांची में MBBS, PG और सुपर स्पेशियलिटी सीटों में बड़े पैमाने पर वृद्धि की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार 60% वित्तीय सहायता देगी। प्रस्ताव मंजूर होने पर RIMS पूर्वी India का बड़ा मेडिकल एजुकेशन और हेल्थकेयर हब बन सकता है।

RIMS बनेगा पूर्वी भारत का मेडिकल हब: MBBS सीटें 250, PG 275 और सुपर स्पेशियलिटी 100 तक बढ़ाने की योजना
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रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) को राष्ट्रीय स्तर के मेडिकल एजुकेशन और हेल्थकेयर सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ी पहल शुरू कर दी है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने रिम्स में स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और सुपर स्पेशियलिटी सीटों में व्यापक वृद्धि का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है।

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इस संबंध में विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने रिम्स प्रबंधन को विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर रिम्स न केवल झारखंड बल्कि पूरे पूर्वी भारत के सबसे बड़े चिकित्सा शिक्षण केंद्रों में शामिल हो सकता है।

MBBS, PG और सुपर स्पेशियलिटी सीटों में होगी रिकॉर्ड बढ़ोतरी

सरकार की प्रस्तावित योजना के अनुसार रिम्स में वर्तमान 180 MBBS सीटों को बढ़ाकर 250 किया जाएगा। वहीं PG सीटों की संख्या 176 से बढ़ाकर 275 करने की तैयारी है। सबसे बड़ा विस्तार सुपर स्पेशियलिटी शिक्षा में प्रस्तावित है, जहां वर्तमान 11 सीटों को बढ़ाकर 100 तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यदि यह योजना लागू होती है तो हर वर्ष सैकड़ों नए डॉक्टर और विशेषज्ञ चिकित्सक झारखंड में तैयार होंगे, जिससे राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करने में बड़ी मदद मिलेगी।

केंद्र सरकार देगी 60 प्रतिशत आर्थिक सहायता

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मेडिकल कॉलेजों में सीट वृद्धि के लिए भारत सरकार की केंद्र प्रायोजित योजना के तहत प्रति अतिरिक्त सीट लगभग 1.5 करोड़ रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना में कुल लागत का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी। इस व्यवस्था से राज्य सरकार पर वित्तीय दबाव कम होगा और रिम्स के विस्तार को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ होगा विस्तार

सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए मेडिकल काउंसिल के मानकों के अनुरूप नए शैक्षणिक भवन, आधुनिक प्रयोगशालाएं, फैकल्टी ब्लॉक, छात्रावास, कौशल विकास केंद्र और उन्नत चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था करनी होगी। सरकार पुराने और जर्जर भवनों को हटाकर अत्याधुनिक मेडिकल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की संभावना पर भी विचार कर रही है। इससे रिम्स की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं दोनों की गुणवत्ता में सुधार होगा।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने की दिशा में बड़ा कदम

झारखंड में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी लंबे समय से चुनौती बनी हुई है। सुपर स्पेशियलिटी सीटों को 11 से बढ़ाकर 100 करने की योजना राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। इससे भविष्य में मरीजों को जटिल उपचार के लिए दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और अन्य महानगरों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।

MGM और SNMMCH मॉडल पर आगे बढ़ेगा RIMS

स्वास्थ्य विभाग पहले ही MGM मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर और शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SNMMCH), धनबाद में सीट वृद्धि के प्रस्तावों को आगे बढ़ा चुका है। दोनों संस्थानों को भारत सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। इसी सफलता को आधार बनाकर अब रिम्स में भी व्यापक विस्तार योजना लागू करने की तैयारी की जा रही है।

PPP मॉडल पर बनेंगे आधुनिक छात्रावास

रिम्स-2 परियोजना के तहत छात्रावास निर्माण के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए भारत सरकार के वायबिलिटी गैप फंड का उपयोग किया जा सकता है। इससे छात्रों को आधुनिक सुविधाओं वाले हॉस्टल मिलेंगे और राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ेगा।

झारखंड को होंगे बड़े फायदे

रिम्स विस्तार योजना लागू होने से राज्य में मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे, विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि होगी, मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता मजबूत होगी। इसके अलावा नए शैक्षणिक और स्वास्थ्य ढांचे के निर्माण से रोजगार के हजारों अवसर भी सृजित होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना सफल होने पर रिम्स पूर्वी भारत के सबसे बड़े मेडिकल एजुकेशन, रिसर्च और सुपर स्पेशियलिटी हेल्थकेयर सेंटर के रूप में स्थापित हो सकता है।

शासी परिषद की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

रिम्स प्रशासन द्वारा तैयार डीपीआर को पहले शासी परिषद के समक्ष रखा जाएगा। परिषद की मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। यदि सभी चरण समय पर पूरे होते हैं तो आने वाले वर्षों में रिम्स का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है और झारखंड चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।