झारखंड: धनबाद में जहरीली हवा पर हाई कोर्ट सख्त: डीसी, एसएसपी, नगर आयुक्त और BCCL CMD को किया तलब
धनबाद में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर झारखंड हाई कोर्ट सख्त हो गया है। कोर्ट ने डीसी, एसएसपी, नगर आयुक्त और बीसीसीएल के CMD को तलब कर 2 अप्रैल को पेश होने का आदेश दिया है। अवैध खनन और कोयला परिवहन को प्रदूषण का मुख्य कारण बताया गया।
- अवैध खनन और कोल डस्ट पर मांगा जवाब
- दो अप्रैल को अधिकारियों की पेशी
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में कोयला राजधानी कहे जाने वाले धनबाद की बिगड़ती हवा अब न्यायपालिका की चिंता का विषय बन गई है। Jharkhand High Court ने धनबाद में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए जिले के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को तलब किया है।
यह भी पढ़ें: झारखंड: छात्राओं को बड़ी सौगात, मंत्री-विधायकों को IAS जैसी हेल्थ सुविधा: हेमंत सोरेन कैबिनेट में 40 बड़े फैसले मंजूर
चीफ जस्टिस M. S. Sonak और जस्टिस Rajesh Shankar की खंडपीठ में गुरुवार को इस मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने धनबाद के उपायुक्त, एसएसपी, नगर आयुक्त और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को 2 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने Bharat Coking Coal Limited (BCCL) के सीएमडी को भी अगली सुनवाई में उपस्थित रहने को कहा है ताकि वे धनबाद में बढ़ते प्रदूषण के समाधान पर स्पष्ट सुझाव दे सकें।
अदालत ने कहा — बेहद खराब हो चुकी है धनबाद की हवा
सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि धनबाद में वायु गुणवत्ता का स्तर बेहद खराब हो चुका है और इसके पीछे प्रमुख कारण अवैध खनन और कोयले का परिवहन है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। जबकि BCCL द्वारा इस संबंध में कई प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई का अभाव दिख रहा है।
कोल डस्ट से बढ़ रही स्वास्थ्य समस्याएं
अदालत ने यह भी माना कि कोल डस्ट (Coal Dust) के कारण धनबाद में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इसका सीधा असर शहर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, कोल डस्ट के कारण लोगों में सांस की बीमारियां, एलर्जी, अस्थमा व फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
BCCL ने अदालत को क्या बताया
BCCL की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास ने अदालत को बताया कि कंपनी बंद पड़ी खुली खदानों को भरकर वहां पार्क और हरित क्षेत्र विकसित करने का काम कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए कई मामले दर्ज कराए गए हैं, लेकिन पुलिस की ओर से अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
ग्रामीण एकता मंच ने दायर की थी जनहित याचिका
धनबाद में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर ग्रामीण एकता मंच की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि शहर में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन और नगर निगम की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। कोयला परिवहन और अवैध खनन पर नियंत्रण की आवश्यकता है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को तलब करते हुए विस्तृत जवाब मांगा है।
धनबाद के लिए क्यों अहम है यह सुनवाई
धनबाद को देश की कोयला राजधानी कहा जाता है, जहां बड़े पैमाने पर खनन और कोयला परिवहन होता है। लेकिन इसी वजह से यहां वायु प्रदूषण लगातार गंभीर होता जा रहा है। हाई कोर्ट की इस सख्ती को प्रशासनिक जवाबदेही और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब 2 अप्रैल को होने वाली सुनवाई में अधिकारियों की रिपोर्ट और अदालत के निर्देश पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।






