धनबाद पुलिस का ‘निशाना मिशन’ शुरू: 2586 जवानों की होगी परीक्षा, डीसी-एसएसपी ने भी साधा लक्ष्य
धनबाद के हिरक रोड फायरिंग रेंज में पुलिस का वार्षिक लक्ष्यदक्षता अभियान शुरू हो गया है। 30 जून तक चलने वाले इस अभियान में 2586 पुलिस पदाधिकारी और जवान फायरिंग अभ्यास व निशानेबाजी परीक्षा में हिस्सा लेंगे। डीसी आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार ने भी फायरिंग रेंज पहुंचकर अभ्यास का निरीक्षण किया।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और मजबूत बनाने के उद्देश्य से धनबाद पुलिस ने अपना वार्षिक लक्ष्यदक्षता (मार्क्समैनशिप) अभियान शुरू कर दिया है। जिले के हिरक रोड स्थित फायरिंग रेंज में 18 जून से शुरू हुआ यह विशेष अभियान 30 जून तक चलेगा। इस दौरान जिले के सभी पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की निशानेबाजी, हथियार संचालन क्षमता तथा फायरिंग कौशल का परीक्षण किया जाएगा।
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पुलिस विभाग के अनुसार इस वर्ष कुल 2586 पुलिस पदाधिकारी एवं जवान इस अभियान में भाग ले रहे हैं। अभियान के तहत प्रत्येक पुलिसकर्मी को निर्धारित मानकों के अनुरूप विभिन्न हथियारों से फायरिंग अभ्यास कराया जा रहा है। इसके साथ ही उनकी लक्ष्य भेदन क्षमता और हथियारों के सुरक्षित उपयोग की दक्षता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
विभिन्न पोजीशन में होगी फायरिंग
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को केवल सामान्य फायरिंग ही नहीं, बल्कि अलग-अलग परिस्थितियों में निशाना लगाने का अभ्यास भी कराया जा रहा है। जवानों को खड़े होकर, घुटने के बल तथा अन्य निर्धारित पोजीशन में लक्ष्य भेदन करना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पुलिस बल किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में प्रभावी और नियंत्रित कार्रवाई करने में सक्षम रहे।
अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि प्रशिक्षण पूरी तरह सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।
डीसी और एसएसपी ने भी साधा निशाना
शनिवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, सिटी एसपी रित्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब तथा डीएसपी (विधि-व्यवस्था) प्रकाश सोय ने फायरिंग रेंज पहुंचकर प्रशिक्षण शिविर का निरीक्षण किया।इस दौरान सभी वरीय अधिकारियों ने स्वयं भी हथियार उठाकर फायरिंग अभ्यास में हिस्सा लिया और जवानों का उत्साहवर्धन किया। अधिकारियों ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और फायरिंग प्रक्रिया का जायजा लिया।
आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लक्ष्यदक्षता अभियान पुलिस प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य पुलिस बल की फायरिंग क्षमता को लगातार बेहतर बनाए रखना और जवानों को हर प्रकार की आपात स्थिति के लिए तैयार रखना है।अधिकारियों के अनुसार नियमित अभ्यास से पुलिसकर्मियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे कठिन परिस्थितियों में भी सटीक, संयमित और प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम होते हैं। हथियारों के सुरक्षित उपयोग और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत बनाने में भी यह प्रशिक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रदर्शन के आधार पर होगा मूल्यांकन
अभियान के दौरान प्रत्येक पुलिस पदाधिकारी एवं जवान की फायरिंग दक्षता का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। प्रदर्शन के आधार पर उनकी लक्ष्यदक्षता का आकलन किया जाएगा और जिन कर्मियों को अतिरिक्त प्रशिक्षण की आवश्यकता होगी, उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।पुलिस विभाग का मानना है कि इस तरह के नियमित अभ्यास न केवल बल की पेशेवर दक्षता बढ़ाते हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। 30 जून तक चलने वाले इस अभियान के बाद पुलिस बल की तैयारियों और दक्षता का व्यापक मूल्यांकन किया जाएगा।






