झारखंड: होटवार जेल में महिला बंदी ने जांच टीम के सामने खोले राज, जेलर-अधीक्षक पर यौन शोषण के गंभीर आरोप

रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला बंदी से कथित यौन शोषण मामले ने तूल पकड़ लिया है। झालसा और डालसा की जांच टीम के सामने पीड़िता ने जेल अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के संकेत मिले हैं।

झारखंड: होटवार जेल में महिला बंदी ने जांच टीम के सामने खोले राज, जेलर-अधीक्षक पर यौन शोषण के गंभीर आरोप
झारखंड की सबसे सुरक्षित जेल पर सवाल!
  • महिला बंदी ने कहा- “अधिकारियों ने किया शोषण”, जांच में आरोप सही मिलने के संकेत
  • झालसा-डालसा जांच में बड़ा खुलासा, महिला बंदी के बयान से मचा हड़कंप

रांची (Threesocieties.com Desk): राजधानी रांची स्थित होटवार के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से सामने आया महिला बंदी यौन शोषण मामला अब झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बड़ा सवाल बनता जा रहा है। जेल के भीतर एक महिला बंदी के साथ कथित यौन शोषण के आरोपों ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रारंभिक जांच के दौरान पीड़िता ने खुद जांच टीम के सामने अपने साथ हुए उत्पीड़न की पुष्टि की है।

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सूत्रों के अनुसार, झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की संयुक्त जांच टीम के सामने महिला बंदी ने जेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस खुलासे के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।

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जस्टिस एसएन प्रसाद के निर्देश पर बनी जांच टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस एसएन प्रसाद ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने झालसा सचिव कुमारी रंजना को निष्पक्ष और त्वरित जांच कराने का निर्देश दिया। आदेश मिलते ही डालसा सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच टीम गठित की गई, जिसने सीधे होटवार जेल पहुंचकर मामले की पड़ताल शुरू की। जांच टीम ने जेल के अंदर पीड़िता से अलग कमरे में लंबी पूछताछ की। पूछताछ के दौरान महिला बंदी ने कथित रूप से जेल के जेलर और जेल अधीक्षक पर यौन शोषण का आरोप लगाया।

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जांच में क्या-क्या हुआ?

जांच टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई स्तरों पर पड़ताल की।

पीड़िता का विस्तृत बयान दर्ज किया गया
जेल के पीएलवी (पारा लीगल वालंटियर) से पूछताछ हुई
जेल डॉक्टर का बयान लिया गया
आरोपी अधिकारियों सहित कई कर्मियों से सवाल-जवाब किए गए
जेल के वार्डों और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण हुआ
सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों की स्थिति की जांच की गई

सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यौन शोषण के आरोपों को गंभीर और विश्वसनीय पाया गया है। जांच टीम ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर झालसा को सौंप दी है। अब यह रिपोर्ट कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस एसएन प्रसाद के समक्ष रखी जाएगी, जिसके बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी।

बाबूलाल मरांडी ने उठाया था मामला

इस मामले को सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सार्वजनिक रूप से उठाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर होटवार जेल में महिला बंदी के साथ अत्याचार और यौन शोषण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। मरांडी ने आरोप लगाया था कि जेल अधीक्षक द्वारा महिला बंदी का लगातार शोषण किया गया, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई। उन्होंने यह भी कहा था कि मामले को दबाने और सबूत मिटाने की कोशिश की जा रही है। मरांडी के आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई थी और विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे।

पीड़िता को मुफ्त कानूनी सहायता

डालसा सचिव ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के लिए मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध करा दी गई है। पैनल अधिवक्ता को इस मामले में लगाया गया है ताकि पीड़िता को कानूनी लड़ाई में किसी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा जांच टीम ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया है कि पीड़िता की सुरक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति का विशेष ध्यान रखा जाए। उसे किसी प्रकार का दबाव या धमकी न दी जाए और जेल के भीतर सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जाए।

सरकार और जेल प्रशासन पर उठ रहे सवाल

इस पूरे मामले ने झारखंड की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस जेल को राज्य की सबसे सुरक्षित जेलों में गिना जाता है, वहीं अगर महिला बंदी सुरक्षित नहीं है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल माना जा रहा है।अब सबकी नजर झालसा की अंतिम रिपोर्ट और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। अगर जांच में आरोप पूरी तरह सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों पर बड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।