झारखंड: होटवार जेल में महिला कैदी से यौन शोषण का आरोप, मामला पहुंचा राज्यपाल तक,न्यायिक जांच की मांग

रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में महिला कैदी के साथ कथित यौन शोषण के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। जेएलकेएम नेताओं ने राज्यपाल संतोष गंगवार से मिलकर उच्चस्तरीय न्यायिक जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

झारखंड: होटवार जेल में महिला कैदी से यौन शोषण का आरोप, मामला पहुंचा राज्यपाल तक,न्यायिक जांच की मांग
राज्यपाल से मिला जेएलकेएम प्रतिनिधिमंडल।
  • रांची की बिरसा मुंडा जेल पर गंभीर सवाल
  • महिला बंदी शोषण मामले में न्यायिक जांच की मांग

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड की राजधानी रांची स्थित होटवार की बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में महिला कैदी के साथ कथित यौन शोषण की सूचना सामने आने के बाद राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मामले ने अब गंभीर राजनीतिक रूप ले लिया है और इसकी गूंज राजभवन तक पहुंच गई है।

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सोमवार को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर पूरे मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि महिला बंदी के साथ शोषण की खबर सही है, तो यह राज्य की जेल सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।

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“उच्च सुरक्षा वाली जेल में ऐसी घटना बेहद गंभीर”

देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा राज्य की सबसे महत्वपूर्ण और उच्च सुरक्षा वाली जेलों में गिनी जाती है। ऐसे में वहां महिला बंदी के साथ यौन शोषण जैसी घटना सामने आना बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि जेल में बंद लोग अपराधी हो सकते हैं, लेकिन उन्हें भी संविधान द्वारा प्रदत्त मानवीय अधिकार और सम्मानजनक जीवन का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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महिला बंदियों की सुरक्षा मजबूत करने की मांग

जेएलकेएम प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से जेलों में महिला बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जेल परिसरों में आधुनिक सीसीटीवी निगरानी प्रणाली को प्रभावी बनाया जाए और महिला कैदियों के लिए अलग सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जाएं। इसके अलावा जेल मैनुअल के अनुसार बंदियों को पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, समय पर स्वास्थ्य सुविधा और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

राज्यपाल ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

राज्यपाल संतोष गंगवार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और मामले को संवेदनशील बताते हुए संबंधित विभाग को उचित परीक्षण और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून के दायरे में रहते हुए न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल

राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन महासचिव मनीष कुमार साहू, संजीव रंजन प्रसाद, कलेश्वर बड़ाईक और फूलेश्वर बैठा समेत अन्य पदाधिकारी भी शामिल थे।

जेल प्रशासन पर उठ रहे कई सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद जेल प्रशासन की भूमिका पर कई सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी दल और सामाजिक संगठन भी मामले की पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह झारखंड की जेल व्यवस्था पर बड़ा दाग माना जाएगा।