धनबाद: पानी के लिए 3 दिन का संघर्ष रंग लाया, हर्ल ने मानी मांगें—सिंदरी बस्ती में जल्द बिछेगी नई पाइपलाइन

सिंदरी में पेयजल संकट को लेकर भाकपा माले के बैनर तले चल रहे तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन के बाद हर्ल प्रबंधन ने नई पाइपलाइन बिछाने का लिखित आश्वासन दिया। विधायक चंद्रदेव महतो के नेतृत्व में हुई वार्ता सफल रही।

धनबाद: पानी के लिए 3 दिन का संघर्ष रंग लाया, हर्ल ने मानी मांगें—सिंदरी बस्ती में जल्द बिछेगी नई पाइपलाइन
सिंदरी में पेयजल संकट पर बड़ा ब्रेकथ्रू।
  • तीन दिन के धरने के बाद झुका हर्ल प्रबंधन
  • एक माह में शुरू होगी नई पाइपलाइन

धनबाद (Threesocieties.com Desk): सिंदरी की जनता के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे सिंदरी बस्ती के ग्रामीणों का तीन दिन से जारी धरना-प्रदर्शन आखिरकार रंग लाया। हर्ल (HURL) प्रबंधन ने नई पाइपलाइन बिछाने की दिशा में ठोस कदम उठाने का लिखित आश्वासन दिया है।

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सिंदरी सेटलिंग टैंक के गेट के समक्ष भाकपा माले के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन ने तीसरे दिन निर्णायक मोड़ लिया। हर्ल प्रबंधन के आग्रह पर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए सम्मेलन कक्ष पहुँचा, जहाँ सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो के नेतृत्व में महत्वपूर्ण बैठक हुई।

विधायक चंद्रदेव महतो की मौजूदगी में बनी सहमति

बैठक में हर्ल प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ग्रामीणों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कई दौर की बातचीत के बाद प्रबंधन ने एक लिखित सहमति पत्र सौंपा, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि सिंदरी बस्ती में नई पाइपलाइन बिछाने की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि एक माह के भीतर पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही तत्काल राहत के तौर पर मौजूदा पाइपलाइन से एक से दो अस्थायी कनेक्शन देने की भी सहमति बनी है, ताकि लोगों को फिलहाल पेयजल की न्यूनतम सुविधा मिल सके।

“इस बार वादा टूटा तो आंदोलन होगा उग्र” — विधायक

विधायक चंद्रदेव महतो ने बैठक के बाद स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब जनता केवल आश्वासन नहीं, काम चाहती है। उन्होंने हर्ल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस बार भी वादे पूरे नहीं हुए, तो ग्रामीणों का आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर लोगों को बार-बार संघर्ष करना पड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है।

धरना का नेतृत्व कर रहे भाकपा माले नेता कॉमरेड छोटन चटर्जी ने भी हर्ल प्रबंधन पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस बार ग्रामीण लिखित आश्वासन के आधार पर धरना समाप्त कर रहे हैं, लेकिन यदि तय समयसीमा में काम शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

महिलाओं में राहत, लेकिन गुस्सा अब भी बरकरार

धरना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं भी मौजूद थीं। उन्होंने इस समझौते को आंशिक राहत बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि वर्षों से पानी के लिए संघर्ष करना उनकी मजबूरी बन चुकी है।

महिलाओं ने साफ कहा कि यदि तय समयसीमा में पाइपलाइन का काम शुरू नहीं हुआ, तो वे फिर से सड़क पर उतरेंगी।

फिलहाल धरना समाप्त, निगाहें अब काम शुरू होने पर

हर्ल प्रबंधन द्वारा लिखित आश्वासन मिलने के बाद फिलहाल धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया है। हालांकि ग्रामीणों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि एक माह के भीतर वास्तव में काम शुरू होता है या फिर यह भी सिर्फ एक और वादा बनकर रह जाता है।

सिंदरी की जनता अब इंतजार नहीं, परिणाम चाहती है।