धनबाद : बीसीसीएल अधिकारियों व मजदूरों पर देवप्रभा आउटसोर्सिंग समर्थकों का जानलेवा हमला, 12 घायल

धनबाद के अलकडीहा में बीसीसीएल अधिकारियों पर देवप्रभा आउटसोर्सिंग समर्थकों ने जानलेवा हमला किया। सड़क काटने को लेकर हुई हिंसक झड़प में एक दर्जन से अधिक लोग घायल, यूनियनों का सड़क जाम और पुलिस तैनात।

धनबाद : बीसीसीएल अधिकारियों व मजदूरों पर देवप्रभा आउटसोर्सिंग समर्थकों का जानलेवा हमला, 12 घायल
आउटसोर्सिंग मालिक पर भड़के संजव सिंह।
  • देवप्रभा आउटसोर्सिंग द्वारा विभागीय सड़क काटे जाने से भड़का विवाद
  • बीसीसीएल व आउटसोर्सिंग के एक दर्जन से अधिक अधिकारी-कर्मी घायल
  • यूनियनों का झरिया-बलियापुर सड़क जाम, लोदना क्षेत्र की परियोजनाएं ठप
  • झरिया विधायक रागिनी सिंह और पूर्व विधायक संजीव सिंह का हस्तक्षेप

धनबाद। बीसीसीएल लोदना क्षेत्र अंतर्गत एनटीएसटी–जीनागोरा विभागीय परियोजना में बुधवार देर रात उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब देवप्रभा आउटसोर्सिंग प्रबंधन द्वारा परियोजना की मुख्य सड़क काट दी गई। इस घटना ने गुरुवार को हिंसक रूप ले लिया, जिसमें बीसीसीएल अधिकारियों और कर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया। इस झड़प में बीसीसीएल व आउटसोर्सिंग परियोजना के एक दर्जन से अधिक अधिकारी-कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गये। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है।

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घायलों की स्थिति गंभीर, अस्पतालों में भर्ती

घायलों में देवप्रभा आउटसोर्सिंग के जीएम शीतला सिंह, बीसीसीएल के विद्युत अभियंता विपिन प्रजापति, विक्रांत कच्छप, हेमंत रावत, धीरज गर्ग, क्षेत्रीय प्रबंधक निशांत कुमार, ओवरमैन मुकेश चौधरी, अरुण कुमार सिंह, अर्जुन रजक, विकास कुमार सहित अन्य शामिल हैं। सभी घायलों को पहले जियलगोरा अस्पताल लाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल विपिन प्रजापति, निशांत कुमार, विक्रांत कच्छप, धीरज गर्ग और मुकेश चौधरी को सेंट्रल अस्पताल धनबाद रेफर किया गया।

वहीं देवप्रभा जीएम शीतला सिंह का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। घटना के बाद से क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। बीसीसीएल के अधिकारी और कर्मचारी जिला प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

यूनियनों का उग्र आंदोलन, सड़क जाम

घटना के विरोध में संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में कर्मियों ने झरिया–बलियापुर मुख्य सड़क को ठाकुर मोड़ के पास जाम कर दिया। इस आंदोलन का नेतृत्व बिहारीलाल चौहान, सतेंद्र गुप्ता, उमाशंकर शाही, सुजीत मंडल, रितेश निषाद, शिवकुमार सिंह, धर्मेंद्र राय और गणेश पासवान ने किया। यूनियनों ने आउटसोर्सिंग संचालक लालबाबू सिंह और कुंभनाथ सिंह समेत अन्य दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई, परियोजना को ब्लैकलिस्ट करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।

विधायक-पूर्व विधायक का हस्तक्षेप

घटना के बाद झरिया विधायक रागिनी सिंह, पूर्व विधायक संजीव सिंह और जमसं कुंती गुट के महामंत्री सिद्धार्थ गौतम समर्थकों के साथ परियोजना स्थल पहुंचे। कटी हुई सड़क के निर्माण का कार्य शुरू कराया गया, वहीं समर्थकों ने लोदना क्षेत्र की सभी आउटसोर्सिंग परियोजनाओं और साइडिंग को बंद करा दिया।

गांव की रिश्तेदारी गांव में रहेगी, झरिया को उजाड़ कर धनबाद में राजनीति करने नहीं देंगे: संजीव सिंह

पूर्व विधायक संजीव सिंह ने कहा— “बीसीसीएल एरिया-10 की विभागीय परियोजना का रास्ता काटना बेहद गंभीर मामला है। गांव की रिश्तेदारी गांव तक ही सीमित रहेगी। झरिया को उजाड़कर धनबाद में राजनीति करने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जायेगा। निजी स्वार्थ, रंगदारी, दबंगई और अवैध हस्तक्षेप की राजनीति का झरिया में कोई स्थान नहीं है। दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।”

संजीव सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झरिया की जनता के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी स्वार्थ और राजनीतिक लाभ के लिए झरिया क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे झरिया की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि रंगदारी, दबंगई और अवैध हस्तक्षेप की राजनीति को हर हाल में खत्म कराया जायेगा।पूर्व विधायक ने कहा कि विभागीय कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने यह भी दोहराया कि झरिया की पहचान, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए वे सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करते रहेंगे।

वहीं झरिया विधायक रागिनी सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचीं और आउटसोर्सिंग प्रबंधन के समर्थकों द्वारा बीसीसीएल अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ की गई कथित बेरहमी पिटाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मजदूरों और अधिकारियों पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

घटना का मुख्य कारण: कोयले के भंडार पर नजर

सूत्रों के अनुसार, एनटीएसटी–जीनागोरा विभागीय परियोजना में ओबी हटने के बाद लाखों टन कोकिंग कोल का भंडार मौजूद है। आरोप है कि इसी कोयले पर कब्जे और जबरन उत्पादन के उद्देश्य से देवप्रभा आउटसोर्सिंग प्रबंधन ने बुधवार रात पाली समाप्ति के बाद सड़क काट दी, जिससे विभागीय परियोजना का आवागमन बाधित हो गया।घटना की सूचना मिलते ही जोड़ापोखर अंचल निरीक्षक आशुतोष कुमार के नेतृत्व में अलकडीहा ओपी, लोदना ओपी, घनुडीह ओपी और तीसरा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। देर शाम तक क्षेत्र में तनाव बना रहा, हालांकि स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

वर्चस्व और रंगदारी को लेकर विवाद का आरोप
देवप्रभा कंपनी के माइंस इंचार्ज शीतला प्रसाद सिंह ने आरोप लगाया है कि उनसे वर्चस्व और रंगदारी को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गयी। उन्होंने यह भी कहा है कि जान से मारने की नीयत से उस पर हमला किया गया। दूसरी तरफ बीसीसीएल अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि देवप्रभा कंपनी के लोगों ने ही उनके साथ मारपीट की, जिसमें कई अधिकारी घायल हुए हैं।
फिलहाल धनबाद के जिनागोड़ा तीसरा थाना की पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।दोनों पक्षों का बयान दर्ज किया गया है। पुलिस CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।