धनबाद में ‘जीरो बैलेंस’ बैंक अकाउंट्स का बड़ा खेल! 17 खातों से ₹1.46 करोड़ की साइबर ठगी

धनबाद के एक्सिस बैंक सरायढेला शाखा में जीरो बैलेंस खाते के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड सामने आया है। 17 ग्रामीणों के खातों से ₹1.46 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजक्शन हुए। पीड़ितों को पश्चिम बंगाल पुलिस से नोटिस मिलने के बाद मामला उजागर हुआ।

धनबाद में ‘जीरो बैलेंस’ बैंक अकाउंट्स का बड़ा खेल! 17 खातों से ₹1.46 करोड़ की साइबर ठगी
पश्चिम बंगाल पुलिस के नोटिस से खुला राज।

धनबाद (Threesocieties.com Desk)। धनबाद में बैंक खातों के जरिए बड़े साइबर क्राइम का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक्सिस बैंक की सरायढेला शाखा में ग्रामीणों के नाम पर खुले 17 खातों से करीब 1 करोड़ 46 लाख रुपये का संदिग्ध ट्रांजक्शन किया गया है। हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों के नाम पर खाते खोले गए, वे न कभी बैंक गए और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।

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मामला तब सामने आया जब कुछ खाताधारकों को पश्चिम बंगाल की विधाननगर पुलिस की ओर से नोटिस मिला। नोटिस में उनके खातों से बड़ी रकम के लेनदेन का जिक्र था। इसके बाद सभी पीड़ित बैंक पहुंचे और खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो वे दंग रह गये। पीड़ितों ने पूरे मामले की धनबाद एसएसपी से लिखित शिकायत कर जांच और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

जीरो बैलेंस खाता खोलने के नाम पर ठगी

पीड़ितों का आरोप है कि टुंडी के महाराजगंज निवासी सचिन कुमार मंडल ने खुद को बैंक का सेल्स ऑफिसर बताकर लोगों को जीरो बैलेंस पर खाता खुलवाने का झांसा दिया। धोखरा निवासी सूरज महतो और आजाद कुमार के जरिए उसने कई ग्रामीणों से संपर्क किया। अलग-अलग दिन सभी को करमाटांड़ बुलाया गया, जहां मोबाइल से फोटो खींचकर आधार कार्ड और पैन कार्ड की तस्वीरें ली गईं।

ग्रामीणों का कहना है कि उनसे किसी फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं कराये गये, वे कभी बैंक शाखा भी नहीं गये, इसके बावजूद उनके नाम पर खाते खोल दिये गये। खाता विवरण में फर्जी मोबाइल नंबर, ईमेल और गलत नोमिनी दर्ज किए गए थे। खातों में जमा या निकासी का कोई मैसेज भी पीड़ितों के मोबाइल पर नहीं आया।

पश्चिम बंगाल पुलिस के नोटिस से खुला मामला

भूदा बस्ती निवासी पवन कुमार महतो और सचिन कुमार महतो को सबसे पहले पश्चिम बंगाल की विधाननगर पुलिस से नोटिस मिला। नोटिस में उनके खातों से लाखों रुपये के ट्रांजक्शन की जानकारी दी गई थी। जब दोनों बैंक पहुंचे और स्टेटमेंट निकलवाया, तो पता चला कि पवन महतो के खाते से 13.64 लाख रुपये व सचिन महतो के खाते से 19.71 लाख रुपये का लेन-देन किया गया है। इसके बाद अन्य खाताधारकों को जानकारी दी गई, तो सभी के खातों से भारी ट्रांजक्शन सामने आया।

इन खातों से हुआ साइबर क्राइम का ट्रांजक्शन

जांच में सामने आया कि कई खातों से लाखों रुपये का ट्रांजक्शन हुआ है, जिनमें प्रमुख हैं—

करण महतो – ₹36,48,062

विशाल महतो (भूदा बस्ती) – ₹33,45,971

सचिन महतो – ₹19,71,192

पवन महतो – ₹13,64,296

विजय कुमार महतो – ₹10,89,590

विनय हेंब्रम – ₹10,43,155

संदीप महतो – ₹9,02,619

देवराज मुर्मू – ₹4,50,000

शरद महतो – ₹4,42,001

अनुज कुमार रवानी – ₹3,75,112

इसके अलावा तुलसी महतो, राकेश महतो, लालू महतो, जयकिशन रवानी, स्पर्श चौधरी, संतोष बेलदार और मनोज महतो के खातों से भी साइबर ठगी की रकम का लेन-देन किया गया है।

एटीएम से कई जगहों पर निकाले गए पैसे

खाता विवरण के अनुसार इन खातों से रकम की निकासी महाराजगंज, टुंडी, चिरकुंडा, धनबाद और गोविंदपुर के एटीएम से की गई। चौंकाने वाली बात यह है कि खाताधारकों को न जमा की जानकारी मिली और न निकासी की, जिससे स्पष्ट है कि पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित किया गया।

रिंग रोड मुआवजा घोटाले का पीड़ित भी फंसा

इस मामले में दुहाटांड़ के आदिवासी टोला निवासी देवराज मुर्मू भी पीड़ितों में शामिल हैं। वे पहले से ही रिंग रोड मुआवजा घोटाले के पीड़ित बताए जा रहे हैं और मानसिक रूप से बीमार हैं। उनके खाते से भी 4.50 लाख रुपये का ट्रांजक्शन हुआ है।

पहले भी हो चुकी है शिकायत

बताया जा रहा है कि आरोपी सचिन कुमार मंडल के खिलाफ पहले भी इसी तरह के मामले में धनसार थाना में लिखित शिकायत की जा चुकी है। अब एक साथ 17 खातों से करोड़ों रुपये के ट्रांजक्शन सामने आने के बाद पुलिस पर इस मामले में बड़ी कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।