- गांव-गांव में लोग कर रहे थे सम्मानित और दे रहे थे बधाई
पलामू। खुद को UPSC एग्जाम में सफल बताकर सीएम हेमंत सोरेन के हाथों सम्मानित होने वाला पलामू जिले के पांडू का रहने वाला कुमार सौरव पांडेय पर कानूनी शिकंज कस गया है। इस फर्जीवाड़े मामले में सौरव के खिलाफ पांडू पुलिस स्टेशन में बीडीओ सह सीओ राहुल उरांव ने FIR दर्ज कराई है।
UPSC 357वां रैंक लाने वाले असली सौरभ UP का
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यूपीएससी-2021 की एग्जाम का साल 30 मई 2022 को जारी हुआ था। इसके बाद पांडू निवासी सौरव ने खुद को सफल प्रतिभागी व 357वां रैंक मिलने की बात कही थी। इसके बाद वह मीडिया की सुर्खियों में छा गया। पलामू जिले में जगह-जगह उसे सम्मानित किया गया। अखबारों में छपी खबरों के आधार पर झारखंड से यूपीएससी में सफल प्रतिभागियों को सम्मानित करने के लिए राज्य सरकार ने जिला प्रशासन के माध्यम से रांची बुलाया। रांची में सीएम हेमंत सोरेन ने 26 जुलाई को सबको प्रशस्ति पत्र सौंप कर सम्मानित किया। भोज भी दी। इसके बाद पता चला कि कुमार सौरव असली सफल प्रतिभागी नहीं है। 357वां रैंक लाने वाले यूपी का कुमार सौरव हैं।
डीसी के आदेश पर सीओ ने दर्ज कराई 26 जुलाई को
सौरव कुमार के फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद पलामू डीसीआंजनेयुलू दोड्डे ने पांडू के सीओ राहुल उरांव को FIR दर्ज कराने का निर्देश दिया। इसके बाद सीओ सह बीडीओ FIR दर्ज कराई। बीडीओ ने बताया कि सौरव ने खुद को यूपीएससी सफल प्रतिभागी बताकर सीएम के हाथों प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया। उसके खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज कराई गई है।