झारखंड: बीजेपी के एक प्रदेश पदाधिकारी ही करा धनबाद संगठन में गुटबाजी, जनप्रतिनिधियों में कराया मतभेद!

झारखंड भाजपा के एक जूनियर प्रदेश पदाधिकारी पर धनबाद में गुटबाजी फैलाने, लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों का विरोध करने और जनप्रतिनिधियों में मतभेद कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा।

झारखंड: बीजेपी के एक प्रदेश पदाधिकारी ही करा धनबाद संगठन में गुटबाजी, जनप्रतिनिधियों में कराया मतभेद!
छुटभैया नेता के खिलाफ मोर्चाबंंदी।
  • लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों का विरोध करने वाले नेता पर गंभीर आरोप
  • प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचायी जायेगी शिकायत

रांची। झारखंड भारतीय जनता पार्टी के एक जूनियर प्रदेश पदाधिकारी पर धनबाद जिला भाजपा संगठन में गुटबाजी फैलाने और जनप्रतिनिधियों के बीच मतभेद कराने का गंभीर आरोप लग रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह वही पदाधिकारी है जिसने लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी ढुलू महतो का खुलकर विरोध किया था। झरिया विधानसभा चुनाव में भी कैंडिडिट के खिलाफ काम करने का आरोप है।

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सूत्रों का दावा है कि उक्त नेता लोकसभा चुनाव के समय धनबाद में घूम-घूमकर पार्टी कैंडिडेट के खिलाफ माहौल बनाता रहा। भाजपा के केंदुआ कार्यालय में जाकर उसने यह तक कहा था कि चुनाव बेहद टफ है और ढुलू महतो के खिलाफ बाहरी व अगड़ी जाति के लोग एकजुट हैं, जिससे विपक्षी प्रत्याशी की जीत तय है। इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत मौखिक रुप से प्रदेश नेतृत्व तक पहले ही पहुंच चुकी है।

भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, धनबाद के एक वरिष्ठ नेता द्वारा इस मामले को साक्ष्यों के साथ केंद्रीय नेतृत्व तक भेजने की तैयारी की जा रही है। आरोप यह भी है कि इस नेता ने विधानसभा चुनाव के दौरान झरिया से भाजपा प्रत्याशी रागिनी सिंह का भी विरोध किया था। अब वह नेता जिला में सांसद ढुलू महतो के चुनाव में विरोध करने वालों को जिला में पदाधिकारी बनाने व मेयर चुनाव में समर्तन दिलाने का भरोसा दे ठगी कर रहा है। जिससे पार्टी को आंतरिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

बताया जा रहा है कि यह नेता पहले जिले में एक दबंग घराने के लिए पेड वर्क करता था और अब खुद को बड़े नेताओं का करीबी बताकर धनबाद भाजपा में गुटबाजी को हवा दे रहा है। जनप्रतिनिधियों के बीच मतभेद कराने में इसकी अहम भूमिका बताई जा रही है। खास बात यह है कि एकबार खुद विधानसभा चुनाव लड़कर डेढ़ हजार से भी कम (नोटा से भी कम) वोट पाया था, अब भाजपा में आकर यह नेता अब धनबाद से सांसद और झरिया से विधायक के टिकट पाने का दावा कर रहा है।

जिला भाजपा के कई नेताओं का कहना है कि यदि संगठन विरोधी गतिविधियों में शामिल इस नेता को पार्षद का चुनाव भी लड़वा दिया जाए, तो वह अपने बूथ से 100 वोट भी नहीं जुटा पायेगा। आरोप यह भी है कि इस नेता ने मेयर चुनाव में पार्टी की प्रदेश कमेटी से मदद दिलाने का झांसा देकर कई नेताओं से वसूली की। आरोप यह भी लग रहा है कि यह नेता आजकल भौंर व झरिया इलाके में इलिगल कोल कारोबारियों से वसूली कर रहा है।

भाजपा के कुछ वरीय नेताओं का कहना है कि जरूरत से ज्यादा बोलने वाला यह नेता पार्टी के लिए गंभीर नहीं, बल्कि मनोरंजन का विषय बन चुका है। जातीय आधार पर राजनीति करने के आरोपों से घिरे इस नेता के खिलाफ अब पार्टी के भीतर एक बड़ा तबका एकजुट हो रहा है। सबूतों के साथ प्रदेश व केंद्रीय नेतृत्व से शिकायत करने की तैयारी अंतिम चरण में है। अब देखना यह है कि भाजपा नेतृत्व इस अंदरूनी गुटबाजी और संगठन विरोधी गतिविधियों पर क्या रुख अपनाता है।