झारखंड: कोडरमा हाजत मौत कांड पर हंगामा,जयनगर थाना प्रभारी लाइन हाजिर
कोडरमा के जयनगर थाना में हाजत में युवक की मौत के बाद बवाल मच गया। थाना प्रभारी लाइन हाजिर, पत्नी ने पुलिस पर पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगाया। NHRC गाइडलाइन के तहत जांच शुरू।
कोडरमा (Threesocieties.com Desk): झारखंड के कोडरमा जिले के जयनगर थाना में हाजत में हुई संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस मामले में एसपी अनुदीप सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी उमानाथ सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराने का निर्णय लिया है और जांच की जिम्मेदारी डीएसपी मुख्यालय को सौंपी गई है।
क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान विजय यादव के रूप में हुई है, जिसकी जयनगर थाना की हाजत में मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि यह आत्महत्या का मामला हो सकता है, जबकि परिजन इसे हत्या बता रहे हैं।एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि पुलिस हिरासत में मौत के मामलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है।
पत्नी का बड़ा आरोप: “पुलिस ने पीट-पीटकर मार डाला”
मृतक की पत्नी चमेली देवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कटिया पुलिस पिकेट के पुलिसकर्मियों ने उनके पति के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मी घर से जबरन विजय यादव को उठाकर ले गये। उनके सामने ही पति की पिटाई की गई। विरोध करने पर उन्हें भी गालियां दी गईं। थाना ले जाने के बाद भी मारपीट जारी रही। महिला ने प्रमोद कुमार सिंह, दीपक और चंदन सिंह नामक पुलिसकर्मियों पर सीधे आरोप लगाए हैं।
“थाने से फोन आया और फिर मौत की खबर”
चमेली देवी के अनुसार, सुबह उन्हें फोन कर पति को थाने से ले जाने के लिए कहा गया। जब उन्होंने बात की तो पति ने मारपीट की जानकारी दी। लेकिन कुछ ही देर बाद सूचना मिली कि विजय यादव की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यह “आत्महत्या नहीं, पुलिस की पिटाई से हुई हत्या” है।
थाने में हंगामा, पुलिस को करना पड़ा हल्का बल प्रयोग
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने जयनगर थाना में जमकर हंगामा किया।
घंटों तक थाना परिसर में प्रदर्शन
पुलिस के खिलाफ नारेबाजी
थाना में घुसने की कोशिश
स्थिति नियंत्रण के लिए हल्का बल प्रयोग
हालात को देखते हुए थाना परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष महेश कुमार यादव ने इस घटना को हत्या करार देते हुए कहा कि “थाना अब न्याय का केंद्र नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए डर और अत्याचार का अड्डा बन गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सच्चाई छुपाने की कोशिश कर रही है।
क्या होगी आगे की कार्रवाई?
मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम
मजिस्ट्रेट की निगरानी में जांच
NHRC गाइडलाइन के तहत पूरी प्रक्रिया
डीएसपी स्तर पर जांच
अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष पर टिकी है।






