हजारीबाग में ‘ऑपरेशन कोतीनीर’: एनकाउंटर में 15 लाख का इनामी सहदेव महतो समेत चार नक्सली ढ़ेर

हजारीबाग में सुरक्षाबलों के ‘ऑपरेशन कोतीनीर’ में 15 लाख का इनामी नक्सली सहदेव महतो मारा गया। चाईबासा जेल ब्रेक के बाद से फरार सहदेव पर 41 मामले दर्ज थे, मुठभेड़ में उसकी पत्नी नताशा भी ढेर हुई।

हजारीबाग में ‘ऑपरेशन कोतीनीर’: एनकाउंटर में 15 लाख का इनामी सहदेव महतो समेत चार नक्सली ढ़ेर
पत्नी नताशा के साथ मारा गया नक्सली सहदेव।

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड के हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन कोतीनीर’ में बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस अभियान में 15 लाख रुपये का इनामी कुख्यात माओवादी और रीजनल कमांडर सहदेव महतो उर्फ अनुज महतो उर्फ सुभाष मारा गया। मुठभेड़ में उसकी पत्नी और सब-जोनल कमेटी सदस्य नताशा भी ढेर हो गई।

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बताया जा रहा है कि सहदेव महतो 2014 के चर्चित चाईबासा जेल ब्रेक के बाद से फरार चल रहा था और लगातार नक्सली घटनाओं को अंजाम दे रहा था। सुरक्षाबलों को लंबे समय से उसकी तलाश थी।

चाईबासा जेल ब्रेक के बाद बना था बड़ा खतरा

9 दिसंबर 2014 को चाईबासा जेल से 17 माओवादियों के साथ फरार होने के बाद सहदेव महतो ने जंगलों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी। इस घटना में दो माओवादी मौके पर ही मारे गए थे। एक को ग्रामीणों ने मार डाला। तीन ने सरेंडर कर दिया, जबकि सहदेव समेत 11 नक्सली फरार हो गए थे। इन्हीं फरार नक्सलियों में सहदेव सबसे सक्रिय और खतरनाक बन गया था।

 41 मामलों में वांछित था सहदेव, POTA के तहत भी कार्रवाई

सहदेव महतो पर झारखंड के कई जिलों में हत्या, हमला, आगजनी और नक्सली हिंसा के कुल 41 मामले दर्ज थे। उसके खिलाफ पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, हजारीबाग, लातेहार समेत कई जिलों के थानों में केस दर्ज थे। झारखंड पुलिस ने उस पर आतंकवाद निरोधक कानून POTA के तहत भी कार्रवाई की थी।

 संगठन में ही हुई थी नताशा से शादी

हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना, ग्राम कुठन निवासी सहदेव महतो ने माओवादी संगठन में रहते हुए महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के थाईपरागढ़ निवासी नताशा से शादी की थी। हत्या, हिंसा और आगजनी जैसे मामलों में शामिल रही थी। ऑपरेशन के दौरान वह भी मुठभेड़ में मारी गई। नताशा का माओवादी संगठन में सब जोनल कमेटी सदस्य का पद मिला हुआ था। उसके विरुद्ध भी कुल 17मामले दर्ज हैं, जो माओवादी हिंसा, हत्या व आगजनी आदि से संबंधित हैं। नताशा के विरुद्ध पश्चिमी सिंहभूम के जेटेया, बोकारो के चतरोचट्टी, जगेश्वर विहार, लातेहार के महुआटांड़, हजारीबाग के बड़कागांव, आंगो, केरेडारी थाने में माओवादी हिंसा से संबंधित मामले दर्ज हैं।

जोनल कमांडर रंजीत गंझू व एरिया कमांडर बुधन लोहरा के विरुद्ध झारखंड के अलावा बिहार में भी दर्ज है कई मामले

चतरा के लावालौंग के सतीटांड़ निवासी रंजीत गंझू के विरुद्ध जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा सहित कई गंभीर आरोप हैं। इसपर झारखंड के पलामू के मनातू व सदर, चतरा के कुंदा, लावालौंग, बरियातू थाने में नौ कांड दर्ज हैं। वहीं, बिहार के औरंगाबाद थाना क्षेत्र के मदनपुर, गया के लुटुआ थाना में कुल छह केस दर्ज हैं।

एरिया कमांडर बुधन लोहरा के विरुद्ध झारखंड में छह व बिहार में चार मामले दर्ज हैं। इसपर झारखंड के पलामू स्थित मनातू, चतरा के कुंदा, लावालौंग, टंडवा व बरियातू तथा बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर में चार कांड दर्ज हैं। 

अन्य बड़े नक्सली भी रडार पर

सुरक्षाबलों के अनुसार जोनल कमांडर रंजीत गंझू पर झारखंड और बिहार में कई मामले दर्ज हैं। एरिया कमांडर बुधन लोहरा भी कई गंभीर मामलों में वांछित है। दोनों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता

‘ऑपरेशन कोतीनीर’ को झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। सहदेव महतो जैसे बड़े कमांडर के मारे जाने से माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।