टाटा ग्रुप ने अपने लोगों को साइबर क्रिमिनलों से किया सावधान,वेलेंटाइन डे गिफ्ट का झांसा दे रहे साइबर क्रिमिनल

साइबर क्रिमिनल वेलेंटाइन डे गिफ्ट का झांसा देकर लोगों से ठगी की कोशिश में हैं। वेलेंटाइन वीक सात फरवरी से शुरू हो रहा है, लेकिन उससे पहले ही फ्री में वेलेंटाइन गिफ्ट बांटा जा रहा है। और जो गिफ्ट के लालच में आ रहे हैं उनका बैंक अकाउंट खाली हो जा रहा है। इस मुद्दे पर पुलिस और टाटा समेत कई कंपनियों ने स्थिति स्पष्ट की है।

टाटा ग्रुप ने अपने लोगों को साइबर क्रिमिनलों से किया सावधान,वेलेंटाइन डे गिफ्ट का झांसा दे रहे साइबर क्रिमिनल

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धनबाद। साइबर क्रिमिनल वेलेंटाइन डे गिफ्ट का झांसा देकर लोगों से ठगी की कोशिश में हैं। वेलेंटाइन वीक सात फरवरी से शुरू हो रहा है, लेकिन उससे पहले ही फ्री में वेलेंटाइन गिफ्ट बांटा जा रहा है। और जो गिफ्ट के लालच में आ रहे हैं उनका बैंक अकाउंट खाली हो जा रहा है। इस मुद्दे पर पुलिस और टाटा समेत कई कंपनियों ने स्थिति स्पष्ट की है। यह है वेलेंटाइन डे गिफ्ट मैसेज

मार्केट में आजकल लोगों के वाट्सएप ग्रुप पर टाटा ग्रुप के लोगो का प्रयोग कर वेलेंटाइन डे गिफ्ट पाने के लिए इनवाइट किया जा रहा है। यह मैसेज तेजी से वायरल भी हो रहा है। कई लोग इसकी सत्यता की जांच भी कर रहे हैं, क्योंकि इस मैसेज में टाटा कंपनी का लोगो प्रयोग किया गया है। इसमें कहा जा रहा है कुछ आसान प्रश्नों का उत्तर दीजिए और आकर्षक गिफ्ट पाइए। यह भी कहा जा रहा है कि प्रतिभागी मोबाइल फोन तक जीत सकते हैं। कई लोग सवालों का जवाब देकर गिफ्ट पा चुके हैं।

टाटा ग्रुप ने ट्वीट कर किया सावधान

टाटा ग्रुप (टाटा कंपनीज) ने ट्वीट कर स्पष्ट कर दिया गया है कि इस तरह का कोई भी मैसेज हमारी ओर से नहीं भेजा जा रहा है। सजग रहें और हमेशा ऐसे मैसेज के स्त्रोत की जानकारी जरूर लें। टाटा ग्रुप के इस ट्वीट के बाद से यह साफ हो गया है कि यह पूरी तरह से साइबर ठगों की कारस्तानी है। 
साइबर डीएसपी सुमित लकड़ा का कहना है कि इस तरह के मैसेज साइबर ठगी के आसान टार्गेट होते हैं। फ्री गिफ्ट के चक्कर में लोग फंस जाते हैं। इसलिए इस तरह के मैसेज की जांच जरूर करें। किसी भी कंपनी या फर्म के नाम पर यदि मैसेज आता है तो सबसे पहले उस कंपनी के ट्विटर अकाउंट या अन्य स्त्रोत से कंफर्म कर लें। इस तरह के किसी भी मैसेज को एक्सेप्ट न करें और लिंक न खोलें। अगर कोई फ्री में गिफ्ट बांट रहा है तो समझ जाइए कुछ तो गड़बड़ है। अपने नजदीकी साइबर थाने से भी संपर्क कर सकते हैं।

बरतें सावधानी

इस तरह के वायरल मैसेज को बिना पढ़े डिलीट कर दें। 
ईमेल, मैसेज या सोशल साइट में कोई लिंक प्राप्त हो रहा है तो उसे डिलीट करें। कभी भी उस पर क्लिक न करें, ऐसे लिंक को तुरंत नजरअंदाज करें।
संभव हो तो कंप्यूटर या मोबाइल को एक बार फॉर्मेट जरूर कर लें।
एंटी स्पाइवेयर, एंटीवायरस अपने इलेक्ट्रॉनिक्स प्रयोग में आने वाले वस्तु में जरूर इंस्टॉल करें।
अपना नाम, पता, फोन नंबर, ईमेल, डेट ऑफ बर्थ, मोबाइल पर आए हुए ओटीपी पूछने पर भी किसी न दें।
बैंक से रजिस्टर्ड अगर कोई आपका मोबाइल नंबर है तो उसे कतई न शेयर करें। कोई बैंक अफसर या कोई कंपनी अफसर बनकर आप से वार्ता कर रहा है तो उसे नजरअंदाज करें।
जो भी आपके मोबाइल में एप है, उन्हें अपग्रेड करें या अनइंस्टॉल करके इंस्टॉल करें।
बेतुका एप या फर्जी लगने वाले वेबसाइट पर जाने या डाउनलोड करने से परहेज करें।
कोई अगर आपके सोशल साइट्स पर फोटोग्राफ्स वीडियो या ऑडियो प्राप्त होता है तो उसे लाइक करने के साथ कहीं भी अग्रसर न करें।
धर्म, जातिवाद, राजनीतिक मुद्दों पर आए वीडियो, मैसेज, ऑडियो को नजरअंदाज करने के साथ तुरंत उसे डिलीट करें।