उत्तर प्रदेश: देवरिया जेल में बंद पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की तबीयत बिगड़ी, मेडिकल कॉलेज में भर्ती
देवरिया जेल में बंद पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। अपेंडिक्स की शिकायत, जमानत मिल चुकी है लेकिन कागजात बाकी।
- अपेंडिक्स की शिकायत
- जमानत मिल चुकी है, जमानतदारों के कागजात बाकी
- वारंट बी खारिज होने से जेल से बाहर आने का रास्ता लगभग साफ
देवरिया (Threesocieties.com Desk )। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की तबीयत शनिवार सुबह अचानक बिगड़ गई। धोखाधड़ी के मामले में 10 दिसंबर से देवरिया जेल में बंद अमिताभ ठाकुर को पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के वार्ड में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें अपेंडिक्स से संबंधित समस्या है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी में उपचार कर रही है।
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अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि सुबह अचानक उन्हें दिक्कत महसूस हुई, जिसके बाद जेल प्रशासन ने तुरंत जेल चिकित्सक से जांच कराई। प्राथमिक जांच के बाद स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
जमानत मिल चुकी, कागजात जमा होना बाकी
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को धोखाधड़ी के मामले में जिला जज की अदालत से करीब 12 दिन पहले ही जमानत मिल चुकी है। हालांकि अब तक जमानतदारों के कागजात न्यायालय में जमा नहीं हो सके हैं, जिस कारण उनकी रिहाई नहीं हो पाई है।इस बीच लखनऊ में दर्ज एक अन्य धोखाधड़ी के मामले में अदालत द्वारा जारी वारंट बी को 30 जनवरी को खारिज कर दिया गया है। ऐसे में देवरिया जेल से अमिताभ ठाकुर के बाहर आने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी का कहना है कि एक से दो दिनों में जमानतदारों के कागजात न्यायालय में दाखिल कर दिए जाएंगे, जिसके बाद सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पहले भी बिगड़ी थी तबीयत
जेल सूत्रों के मुताबिक, अमिताभ ठाकुर की सेहत पर जेल प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। शुक्रवार को भी चिकित्सकों की टीम ने उनकी जांच की थी, जिसमें सब कुछ सामान्य पाया गया था। इससे पहले 28 जनवरी को भी उनकी तबीयत अचानक खराब हुई थी, जिसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। जांच के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया था और सुरक्षा कारणों से हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। जेल प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य टीम नियमित रूप से उनकी जांच कर रही है और जरूरत पड़ने पर तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।






