झरिया में गूंजा युवाओं का आत्मविश्वास: 28 छात्रों ने वाद-विवाद में दिखाया टैलेंट, मानसिक दबाव पर हुई तीखी बहस

धनबाद के झरिया में मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में 28 छात्रों ने भाग लिया। “प्रतिस्पर्धात्मक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य” विषय पर हुई बहस में छात्रों ने शानदार प्रस्तुति दी।

झरिया में गूंजा युवाओं का आत्मविश्वास: 28 छात्रों ने वाद-विवाद में दिखाया टैलेंट, मानसिक दबाव पर हुई तीखी बहस
मारवाड़ी युवा मंच झरिया का वाद-विवाद प्रतियोगिता।

धनबाद/झरिया (Threesocieties.com Desk): मारवाड़ी युवा मंच, झरिया शाखा के तत्वावधान में आयोजित अंतरविद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि धनबाद और झरिया के युवा न सिर्फ पढ़ाई में बल्कि अपने विचारों की अभिव्यक्ति में भी किसी से कम नहीं हैं। इस प्रतियोगिता में कुल 28 विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने प्रभावशाली वक्तृत्व कौशल से सभी को प्रभावित किया।

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कार्यक्रम का मुख्य विषय था — “विद्यार्थियों पर बढ़ता प्रतिस्पर्धात्मक दबाव — क्या यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरा है?” इस समसामयिक और संवेदनशील विषय पर छात्रों ने पक्ष और विपक्ष दोनों में दमदार तर्क प्रस्तुत किए। कई प्रतिभागियों ने अपने अनुभवों और सामाजिक वास्तविकताओं को जोड़ते हुए बहस को बेहद रोचक और विचारोत्तेजक बना दिया।

 प्रतियोगिता के परिणाम

 पक्ष में:

विजेता: येशा पटेल (राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, धनबाद)
उपविजेता: दोयल दत्ता (किड्स गार्डन सेकेंडरी स्कूल, झरिया)

विपक्ष में:

विजेता: पावित्रा अग्रवाल (राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, धनबाद)
उपविजेता: सोनाक्षी गुप्ता (महिला इंटर कॉलेज, झरिया)

कार्यक्रम के अंत में सभी विजेताओं और उपविजेताओं को सम्मानित किया गया, जिससे छात्रों का उत्साह और आत्मविश्वास और भी बढ़ा।

निर्णायकों की अहम भूमिका

प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में शाखा अध्यक्ष डॉ. मनीष शर्मा और पूर्व अध्यक्ष विवेक लिल्हा उपस्थित रहे। उनके निष्पक्ष मूल्यांकन और मार्गदर्शन ने प्रतियोगिता को उच्च स्तर की गरिमा प्रदान की।

आयोजन में टीम का योगदान

कार्यक्रम को सफल बनाने में संयोजक गौतम अग्रवाल के साथ मयंक केजरीवाल और हितेन शर्मा ने अहम भूमिका निभाई। सभी के सामूहिक प्रयासों से यह आयोजन बेहद सुव्यवस्थित और प्रभावशाली रहा।

बौद्धिक विकास की दिशा में सराहनीय पहल

यह प्रतियोगिता न सिर्फ छात्रों के ज्ञान और अभिव्यक्ति क्षमता को निखारने का मंच बनी, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत करने का माध्यम साबित हुई। साथ ही, यह आयोजन स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और युवाओं को सामाजिक मुद्दों पर सोचने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मारवाड़ी युवा मंच का यह प्रयास निश्चित रूप से शिक्षा और समाज के बीच एक सकारात्मक सेतु बनाने का काम कर रहा है।