“धनबाद में 21 हजार घरों की बत्ती गुल तो सियासत फुल चार्ज! स्मार्ट मीटर बना बवाल, रागिनी –संजीव व राज हुए रेस
धनबाद में 20 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की अचानक बिजली कटौती से हड़कंप मच गया। स्मार्ट मीटर और बिलिंग गड़बड़ी को लेकर रागिनी सिंह, मेयर संजीव सिंह और विधायक राज सिन्हा ने मोर्चा संभाल लिया, मामला सियासी रंग ले गया।
- धनबाद में 21 हजार प्रीपेड मीटर धारकों की बिजली गुल
- नेगेटिव बैलेंस बना वजह
धनबाद ( Threesocieties.com Desk): झारखंड के धनबाद में बिजली संकट अब महज तकनीकी या प्रशासनिक मामला नहीं रहा, बल्कि यह पूरी तरह से सियासी मुद्दा बन चुका है। मार्च के अंतिम दिनों में राजस्व लक्ष्य पूरा करने के दबाव में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) द्वारा चलाए गए अभियान ने 20 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की बिजली एक झटके में काट दी—वो भी बिना किसी पूर्व सूचना के।
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सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रभावित उपभोक्ताओं में अधिकांश स्मार्ट मीटर और प्रीपेड कनेक्शन वाले थे। इससे लोगों में भारी नाराजगी और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बिना सूचना कटौती से मचा हड़कंप
अचानक बिजली गुल होने से पूरे इलाके में हाहाकार मच गया। लोगों का कहना है कि न तो पहले से कोई चेतावनी दी गई और न ही बिलिंग को लेकर स्पष्ट जानकारी दी गई। स्मार्ट मीटर लगाने के बावजूद इस तरह की कार्रवाई ने सिस्टम की पारदर्शिता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीति गरमाई, नेता मैदान में
मामले ने जैसे ही तूल पकड़ा, जनप्रतिनिधि सक्रिय हो गए। रागिनी सिंह ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए अधिकारियों से सीधे संपर्क किया। उनके साथ संजीव सिंह (मेयर, धनबाद) भी मैदान में उतरे और तत्काल समाधान की मांग की। रागिनी सिंह ने साफ कहा: “पहले समय पर बिल नहीं भेजा जाता और फिर एकमुश्त भारी बिल देकर बिजली काट दी जाती है—यह पूरी तरह अन्याय है।” मेयर संजीव सिंह ने भी इसे आम जनता से जुड़ा मूलभूत मुद्दा बताते हुए त्योहार के समय ऐसी कार्रवाई पर सवाल उठाए।
GM ऑफिस पहुंचे विधायक राज सिन्हा
इधर राज सिन्हा अपने समर्थकों के साथ सीधे जेबीवीएनएल के महाप्रबंधक कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा:
बिना सूचना बिजली काटना गलत
स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिल चिंता का विषय
किस्तों में भुगतान की सुविधा जरूरी
उन्होंने यह भी मांग की कि:
सभी प्रभावित उपभोक्ताओं की बिजली तुरंत बहाल हो
बिल भुगतान के लिए समय दिया जाए
हर सबडिवीजन में हेल्प डेस्क बनाया जाए
स्मार्ट मीटर बना बड़ा विवाद
स्मार्ट मीटर को लेकर पहले से ही लोगों में असंतोष था, लेकिन इस घटना के बाद यह मुद्दा और भड़क गया है। लोगों का आरोप है कि:
बिल अचानक बहुत ज्यादा आ रहा है
सिस्टम की जानकारी सही तरीके से नहीं दी गई
शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा
बिजली दर बढ़ोतरी पर भी घमासान
विधायक राज सिन्हा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि घरेलू बिजली दरों में 60 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। यह मुद्दा सीधे तौर पर हेमंत सोरेन सरकार के फैसलों पर सवाल खड़ा करता है।
अधिकारियों का आश्वासन
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया है कि:
स्मार्ट मीटर और बिलिंग की शिकायतों की जांच होगी
प्रभावित उपभोक्ताओं को जल्द राहत दी जाएगी
बिजली आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी
अब क्या आगे?
स्पष्ट है कि धनबाद की यह बिजली कटौती अब सिर्फ एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि जनता की परेशानी और राजनीतिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुकी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और बिजली विभाग कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से इस संकट का समाधान निकालते हैं।






