नई दिल्ली। DRDO ने अब्दुल कलाम द्वीप से गुरुवार की देर शाम सतह से सतह पर मार करने वाले और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि-1 मिसाइल का सफल परीक्षण किया। ठोस इंजन आधारित इस मिसाइल की मारक क्षमता 900 किलोमीटर तक है।
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ओडिशा तट पर बंगाल की खाड़ी में अब्दुल कलाम द्वीप पर एक मोबाइल लांचर के जरिए इस मिसाइल को दागा गया। ऑपरेशन के पूरे मार्ग पर निगरानी अत्याधुनिक राडार और इलेक्ट्रो आप्टिक प्रणालियों से की गई। डीआरडीओ सोर्सेज के अनुसार, परीक्षण सभी मापदंडों पर खरा उतरा। अग्नि प्रथम भारतीय सशस्त्र बलों के जखीरे में शामिल पहला और एकमात्र ठोस इंजन आधारित मिसाइल है। देश में ही निर्मित 15 मीटर लंबी और 12 टन वजन का यह प्रक्षेपास्त्र 1000 किलोग्राम भार के परमाणु आयुध ले जाने में भी सक्षम है।
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अग्नि-5 मिसाइल का पिछले वर्षहुआ था सफल परीक्षण
इससे पहले भी कम दूरी तक मार करने वाली परमाणु सक्षम बैलेस्टिक मिसाइल एसआरबीएम अग्नि-1 से लेकर अग्नि-5 तक मिसाइलों का सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है। इसकी मारक क्षमता 750 किलोमीटर से लेकर 3500 किलोमीटर तक है। इसी तरह पिछले वर्ष अग्नि-5 मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया गया था, जिसकी मारक क्षमता पांच हजार किलोमीटर थी।