बिहार: क्या मंत्री पद से जाएगी कुर्सी? BJP की दो सूचियों से गायब रहे उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश
बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले राजनीति गरमा गई है। BJP की दोनों सूचियों में मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का नाम नहीं आने से उनके मंत्री पद और राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं।
HighLights
- BJP की दो उम्मीदवार सूचियों में नहीं आया दीपक प्रकाश का नाम
- मंत्री बने रहने के लिए निर्धारित समय में सदस्य बनना जरूरी
- राजनीतिक गलियारों में तेज हुई अटकलें और चर्चाएं
- अब सबकी निगाहें BJP की संभावित अगली सूची पर टिकीं
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार विधान परिषद चुनाव की तैयारियों के बीच राज्य की राजनीति में एक नया सस्पेंस पैदा हो गया है। बीजेपी द्वारा जारी की गई दो उम्मीदवार सूचियों में बिहार सरकार के मंत्री और राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का नाम शामिल नहीं होने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
यह भी पढ़ें: सीतामढ़ी से अयोध्या तक दौड़ेगी नई ट्रेन! मिथिला को मिलने जा रही बड़ी रेल सौगात
18 जून को होने वाले विधान परिषद चुनाव के लिए बीजेपी और जेडीयू ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। लेकिन बीजेपी की ओर से जारी दोनों सूचियों में दीपक प्रकाश का नाम नदारद रहने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि उन्हें MLC बनने का मौका नहीं मिलता है तो क्या उनका मंत्री पद खतरे में पड़ सकता है?
मंत्री पद बचाने के लिए क्यों जरूरी है MLC बनना?
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति विधायक या विधान पार्षद नहीं होते हुए मंत्री बनाया जाता है, तो उसे निर्धारित अवधि के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना होता है। ऐसे में दीपक प्रकाश के लिए यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि उन्हें समय पर विधान परिषद या विधानसभा की सदस्यता नहीं मिलती है, तो उनकी मंत्री कुर्सी पर असर पड़ सकता है। हालांकि अभी तक इस संबंध में किसी दल की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
BJP की सूची ने बढ़ाया राजनीतिक सस्पेंस
बीजेपी ने विधान परिषद चुनाव के लिए चार उम्मीदवारों की घोषणा की है। इनमें राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक संजय मयूख को फिर से मौका दिया गया है। वहीं भोजपुरी गायक पवन सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।इसके अलावा पार्टी ने अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को भी टिकट दिया है। लेकिन दीपक प्रकाश का नाम शामिल नहीं होने से समर्थकों के बीच बेचैनी बढ़ गई है।
जेडीयू की सूची भी बनी चर्चा का विषय
दूसरी तरफ जेडीयू ने भी अपने चार उम्मीदवारों की घोषणा की है। पार्टी ने निशांत कुमार, भारती मेहता, शिव रानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है। विशेष रूप से निशांत कुमार की उम्मीदवारी चर्चा का विषय बनी हुई है। इसे जेडीयू की भविष्य की राजनीति और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
अब अगली सूची पर टिकी निगाहें
फिलहाल बिहार की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या बीजेपी दीपक प्रकाश को अगली सूची में मौका देगी या फिर उनका राजनीतिक सस्पेंस और बढ़ेगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। यदि अगली सूची में उनका नाम नहीं आता है तो विपक्ष को भी सरकार पर हमला करने का नया मुद्दा मिल सकता है।






