धनबाद: PMCH कोविड केयर सेंटर में एडमिट बीसीसीएल स्टाफ लापता, एक माह से दर-दर भटक रहे परिजन,कोई सुनवाई नहीं 

PMCH कोविड केयर में एडमिट 52 वर्षीय बीसीसीएल स्टाफ श्यामापद बाउरी लापता हो गये हैं। उनके परिजन एक माह से उनकी खोज में परिजन दर-दर भटक रहे हैं। 

धनबाद: PMCH कोविड केयर सेंटर में एडमिट बीसीसीएल स्टाफ लापता, एक माह से दर-दर भटक रहे परिजन,कोई सुनवाई नहीं 
बीसीसीएल स्टाफ श्यामापद बाउरी।

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धनबाद। PMCH कोविड केयर में एडमिट 52 वर्षीय बीसीसीएल स्टाफ श्यामापद बाउरी लापता हो गये हैं। उनके परिजन एक माह से उनकी खोज में परिजन दर-दर भटक रहे हैं। 
परिजनों का दावा है कि श्यामापद को 15 जुलाई को पीएमसीएच में एडमिट कराया गया था। जांच के बाद 17 को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद पीएमसीएच के कोविड केयर सेंटर में एडमिट कराने के बाद वे लोग भी चंदनकयारी गांव में क्वारंटाइन हो गये। बेटे अमृत बाउरी के कहना है कि क्वरंटाइन समाप्त कर चार अगस्त को वापस लौटे तो पिता हॉस्पीटल मैनेजमेंट उनके बारे में कुछ भी जानकारी नहीं दे रहा है। उन्हें छुट्टी दी गई या नहीं यह नहीं बताया जा रहा है।  कभी ये अस्पताल तो कभी वो अस्पताल में दौड़ रहे हैं।बीसीसीएल स्टाफ के बड़े पुत्र अमृत बाउरी ने अपने  पिता को ढूंढने की गुहार डीसी उमा शंकर सिंह से की है। आवेदन लेकर भी उन्हें दो दिनों बाद डीसी कार्यालय आने को कहा गया। वह भी रिसीविंग लेने के लिए। इकलौता पुत्र अमर व उसकी बहन अपने पिता की खोज में दर-दर भटक रहे हैं। 
क्या है मामला
अमृत बाउरी का कहना है कि वे लोग मूलत: देवग्राम गांव , चंदनकियारी ब्लॉक जिला बोकारो के रहने वाले हैं। उनके पिता श्यामापद बाउरी बीसीसीएल के शिमला बहाल भालगढ़ा कोलियरी में कार्यरत हैं। वे लोग भुतगढ़िया कॉलोनी में ही रहते हैं। पिता की तबियत बिगड़ने पर 24 जून को प्रगति नर्सिंग होम में एडमिट कराया था। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर डॉक्टरों ने सभी पेसेंट को छुट्टी दे दी। उसके बाद वे भुतगढ़िया कॉलोनी में आ गये। कुछ दिन बाद पिता की तबियत बिगड़ गई। 15 जुलाई को एंबुलेंस से पीएमसीएच के कोविड केयर सेंटर में एडमिट कराया। जांच में पिता भी पॉजिटिव पाये गये थे। उनका पीएमसीएच कोविड सेंटर में इलाज चल रहा था। हमारे परिवार को क्वारंटाइन कर दिया गया। क्वारंटाइन से बाहर आने पर पिता से मिलने गये तो वे अस्पताल में नहीं मिले।