प्रिंस खान के आर्थिक नेटवर्क पर प्रशासन का वार, 'गोल्डेन वेडिंग पैलेस' अवैध घोषित; 15 दिनों में हटाने का आदेश
धनबाद नगर निगम ने कुख्यात अपराधी प्रिंस खान से जुड़े बताए जा रहे गोल्डेन वेडिंग पैलेस को अवैध निर्माण घोषित कर 15 दिनों के भीतर हटाने का आदेश दिया है। पुलिस की अनुशंसा पर हुई इस कार्रवाई को प्रिंस खान के कथित आर्थिक नेटवर्क पर बड़ी चोट माना जा रहा है।
HighLights:
- भूली बाईपास स्थित गोल्डेन वेडिंग पैलेस को अवैध निर्माण घोषित
- भवन स्वामी को 15 दिनों के भीतर खुद निर्माण हटाने का आदेश
- आदेश का पालन नहीं होने पर नगर निगम करेगा ध्वस्तीकरण, खर्च भी वसूला जाएगा
- पुलिस की अनुशंसा के बाद नगर निगम ने शुरू की कार्रवाई
- मैरेज हॉल प्रिंस खान के भाई गोपी के नाम पर होने की चर्चा
- जांच में सामने आया कि भवन निर्माण के लिए कोई स्वीकृत नक्शा नहीं लिया गया था
- सेटबैक नियमों और पार्किंग व्यवस्था की भी अनदेखी की गई
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद में अपराध के जरिए खड़े किए गए कथित आर्थिक नेटवर्क और अवैध संपत्तियों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में धनबाद नगर निगम ने भूली बाईपास रोड स्थित आरा मोड़ के पास बने भव्य गोल्डेन वेडिंग पैलेस को अवैध निर्माण घोषित करते हुए भवन स्वामी को 15 दिनों के भीतर इसे स्वयं हटाने का आदेश दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के कथित आर्थिक साम्राज्य पर बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।
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नगर निगम की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर भवन स्वामी द्वारा अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो निगम स्वयं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही ध्वस्तीकरण में आने वाला पूरा खर्च भी भवन स्वामी से ही वसूला जाएगा।
पुलिस की अनुशंसा के बाद हुई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, धनबाद पुलिस की ओर से भेजी गई रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर नगर निगम ने इस भवन की जांच कराई थी। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद इसे पूरी तरह अवैध निर्माण मानते हुए कार्रवाई का फैसला लिया गया।प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों और अवैध आर्थिक नेटवर्क पर कार्रवाई अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
भाई के नाम पर निर्माण, निवेश को लेकर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, यह आलीशान मैरेज हॉल कागजों पर प्रिंस खान के भाई गोपी के नाम पर दर्ज है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि इसके निर्माण और विकास में लगाया गया धन प्रिंस खान के कथित आर्थिक नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच एजेंसियां वित्तीय स्रोतों और निवेश के पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं।
बिना नक्शा स्वीकृति के खड़ा कर दिया गया विशाल भवन
नगर निगम की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि गोल्डेन वेडिंग पैलेस के निर्माण के लिए निगम से किसी प्रकार की भवन योजना स्वीकृति नहीं ली गई थी। इसके अलावा भवन निर्माण के दौरान शहरी विकास नियमों का भी पालन नहीं किया गया। जांच में पाया गया कि:
निर्माण के दौरान अनिवार्य सेटबैक नियमों का उल्लंघन किया गया।
विवाह भवन के अनुरूप पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं बनाई गई।
कई तकनीकी और सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की गई।
व्यावसायिक उपयोग के लिए आवश्यक अनुमतियां नहीं ली गई थीं।
अवैध संपत्तियों के खिलाफ अभियान तेज
धनबाद और कोयलांचल क्षेत्र में अपराध और अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। हाल के महीनों में कई संदिग्ध संपत्तियों और अवैध निर्माणों को चिन्हित किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून के दायरे से बाहर खड़े किए गए किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में ऐसे मामलों में कार्रवाई और तेज हो सकती है।
धनबाद में बना चर्चा का विषय
नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद पूरे धनबाद में इसकी चर्चा तेज हो गई है। लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि समय रहते भवन निर्माण की जांच और निगरानी होती, तो इतना बड़ा निर्माण बिना स्वीकृति के कैसे खड़ा हो गया। अब सबकी नजर इस बात पर है कि भवन स्वामी निर्धारित 15 दिनों के भीतर स्वयं निर्माण हटाते हैं या फिर नगर निगम बुलडोजर कार्रवाई करता है।






