धनबाद: हरिणा में बिजली संकट पर BCCL के खिलाफ उग्र आंदोलन,MLA शत्रुघ्न महतो के हस्तक्षेप के बाद बनी बात
हरिणा बस्ती में बिजली संकट और लो वोल्टेज की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन उग्र हो गया। ग्रामीणों ने हरिणा कॉलोनी के सभी गेट 12 घंटे तक बंद कर दिए। विधायक शत्रुघ्न महतो और प्रशासन की मौजूदगी में BCCL प्रबंधन ने 10 दिनों में नया ट्रांसफार्मर लगाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
- BCCL प्रबंधन के खिलाफ ग्रामीणों का बड़ा प्रदर्शन
- ग्रामीणों ने 12 घंटे तक जाम किया कॉलोनी गेट
- BCCL द्वारा 10 दिन में ट्रांसफार्मर लगाने का आश्वासन
धनबाद (Threesocieties.com Desk): जिले के बाघमारा क्षेत्र स्थित हरिणा बस्ती में बिजली संकट को लेकर चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन शनिवार को तीसरे दिन उग्र रूप ले बैठा। लगातार लो वोल्टेज, खराब बिजली व्यवस्था और BCCL प्रबंधन की कथित लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार तड़के हरिणा कॉलोनी के सभी निकास द्वारों को बांस-बल्ला लगाकर बंद कर दिया।
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सुबह करीब चार बजे शुरू हुए इस आंदोलन ने कुछ ही घंटों में पूरे इलाके को प्रभावित कर दिया। ग्रामीण महिला और पुरुष विभिन्न स्थानों पर धरने पर बैठ गए, जिससे कॉलोनी में आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया। आंदोलनकारियों ने रात्रि पाली से लौट रहे कोलकर्मियों और दूध सप्लाई करने वालों को भी अंदर प्रवेश नहीं करने दिया।
12 घंटे तक कॉलोनी में कैद रहे अधिकारी और कर्मचारी
ग्रामीणों के इस उग्र आंदोलन के कारण सैकड़ों कोलकर्मी और अधिकारी लगभग 12 घंटे तक अपने घरों में फंसे रहे। कॉलोनी के अंदर रहने वाले लोगों में भी इस स्थिति को लेकर भारी नाराजगी देखी गई। कई जगहों पर ग्रामीणों और कॉलोनीवासियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई, हालांकि पुलिस और CISF की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रण में रही।
“हमारी जमीन से गुजर रही बिजली लाइन, फिर भी गांव अंधेरे में”
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का आरोप था कि हरिणा कॉलोनी की बिजली पोल और नाली उनकी जमीन से होकर गुजरती है, जिससे उनकी खेती और फसलें प्रभावित हो रही हैं। इसके बावजूद गांवों में बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है। ग्रामीणों ने कहा कि BCCL को CSR योजना के तहत आसपास के गांवों में बिजली और पानी की बेहतर सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए, लेकिन कई बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। सबसे बड़ी समस्या लो वोल्टेज की है, जिससे घरों में पंखे, मोटर और अन्य उपकरण तक सही तरीके से नहीं चल पा रहे हैं।
प्रशासन और CISF ने संभाला मोर्चा
आंदोलन की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाघमारा सीओ गिरिजानंद किस्कू, कतरास इंस्पेक्टर मोहमद रुस्तम, बरोरा थाना प्रभारी साधन कुमार, बाघमारा थाना प्रभारी अजीत कुमार, मधुबन थाना पुलिस और CISF के अधिकारी पूरे दिन स्थिति पर नजर बनाए रहे। स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासन ने ग्रामीणों और BCCL प्रबंधन के बीच वार्ता कराने की पहल की।
विधायक शत्रुघ्न महतो ने दिया समर्थन
इस दौरान बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो भी आंदोलन स्थल पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को जायज बताते हुए आंदोलन का समर्थन किया और कहा कि क्षेत्र के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए। विधायक की मौजूदगी में ग्रामीणों और BCCL प्रबंधन के बीच बातचीत हुई। वार्ता के दौरान BCCL ब्लॉक-दो के जीएम कुमार रंजीव ने 10 दिनों के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाने का आश्वासन दिया।
आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
BCCL प्रबंधन के आश्वासन के बाद शाम करीब चार बजे ग्रामीण धरने से उठे और कॉलोनी का गेट खोल दिया गया। लगभग 12 घंटे बाद आवाजाही बहाल होने से कॉलोनीवासियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। हालांकि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया और बिजली समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और भी उग्र किया जाएगा।






