- हफ्ते में तीन दिन न्यू गिरिडीह होकर चलाने की सिफारिश
- धनबाद से छिन सकती है वंदे भारत एक्सप्रेस
रांची। कोयला राजधानी धनबाद होकर चलने वाली हावड़ा–गया वंदे भारत एक्सप्रेस का मार्ग बदलने की तैयारी ने एक बार फिर जिले की सियासत और रेल यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर इस ट्रेन को धनबाद के बजाय मधुपुर–न्यू गिरिडीह–कोडरमा मार्ग से सप्ताह में तीन दिन चलाने की सिफारिश की है।
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रेल मंत्री की ओर से शीघ्र पहल का भरोसा दिए जाने के बाद यह आशंका गहराने लगी है कि धनबाद से हफ्ते में तीन दिन वंदे भारत एक्सप्रेस छिन सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह धनबाद के रेल यात्रियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
2019 की यादें फिर ताजा
यह पहला मौका नहीं है जब धनबाद से किसी प्रमुख ट्रेन का परिचालन प्रभावित हो रहा हो। जुलाई 2019 में हावड़ा–नई दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस को भी धनबाद के बजाय आसनसोल–जसीडीह मार्ग से स्थायी रूप से चला दिया गया था। उस समय भी धनबादवासियों में भारी नाराजगी देखी गई थी।
2024 में शुरू हुई थी वंदे भारत
15 सितंबर 2024 को गया–हावड़ा के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत हुई थी।यह धनबाद होकर चलने वाली इकलौती वंदे भारत ट्रेन है। यात्रियों की मांग इस ट्रेन को वाराणसी तक विस्तार देने की थी, लेकिन विस्तार के बजाय अब इसके फेरे कम करने और मार्ग बदलने की तैयारी शुरू हो गई है।
सप्ताह में तीन दिन न्यू गिरिडीह होकर चलने की संभावना
फिलहाल हावड़ा–गया वंदे भारत एक्सप्रेस गुरुवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन धनबाद होकर चल रही है। प्रस्ताव के अनुसार यदि इसे सप्ताह में तीन दिन न्यू गिरिडीह होकर चलाया गया, तो धनबाद होकर केवल तीन दिन ही इसका परिचालन रह जाएगा।
सांसद ढुलू महतो के सामने चुनौती
अगर वंदे भारत एक्सप्रेस का परिचालन धनबाद के बजाय न्यू गिरिडीह होकर होता है, तो इससे धनबाद के यात्रियों में आक्रोश बढ़ना तय माना जा रहा है। यह स्थिति धनबाद के सांसद ढुलू महतो के लिए भी राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगी।ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या सांसद ढुलू महतो इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करेंगे, या फिर अन्नपूर्णा देवी और ढुलू महतो के बीच राजनीतिक तनाव और गहराएगा।