नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठीं महिला पहलवान विनेश फोगट और सात अन्य पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
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#WATCH अभी शिकायत किए हुए 48 घंटे से ज्यादा हो गया मगर अभी तक FIR नहीं हुई है...इस बार सभी का स्वागत है। कोई भी पार्टी(भाजपा, कांग्रेस, AAP) आए, सभी का स्वागत है: WFI प्रमुख बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवानों के विरोध पर पहलवान बजरंग पुनिया, जंतर-मंतर, दिल्ली pic.twitter.com/AjXfabkSjG
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 24, 2023
पहलवानों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया है कि 21 अप्रैल को दिल्ली के कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में लिखित कंपलेन देने के बावजूद मामले की एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा, "अभी शिकायत किए हुए 48 घंटे से ज्यादा हो गया मगर अभी तक मामले की एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इस बार के धरना प्रदर्शन में सभी दलों का स्वागत है। कोई भी पार्टी (बीजेपी, कांग्रेस, AAP) आए, सभी का स्वागत है।
भारतीय ओलंपिक संघ एक तदर्थ समिति का गठन करेगा जो अपने गठन के 45 दिनों के भीतर भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की कार्यकारी समिति के चुनाव कराने और WFI के दिन-प्रतिदिन के मामलों का प्रबंधन करेगी। pic.twitter.com/wI6SBpRLxj
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 24, 2023
वहीं, इसे लेकर दिल्ली पुलिस ने कहा कि भारतीय कुश्ती संघ के प्रमुख बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवानों के विरोध के बीच पुलिस ने उनकी(प्रदर्शन कर रहे पहलवानों की) शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने इस संबंध में खेल मंत्रालय द्वारा गठित जांच समिति से रिपोर्ट भी मांगी है। इससे पहले रविवार को राजनीति से प्रेरित होकर धरना देने के सवालों के जवाब में विनेश ने कहा था कि हम भारत की कुश्ती को बचाने आए हैं। हमे कोई रजनीति नहीं करनी है। वहीं, साक्षी ने कहा था कि यह कोई आम बात नहीं है कि किसी पर यौन शोषण के आरोप लगाये जा रहे हैं और तीन महीने से सिर्फ जांच ही चल रही है। दो दिन में इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी।
उल्लेखनीय है कि सात मई को कुश्ती संघ के चुनाव होने है। ऐसे में इससे 15 दिन पहले पहलवानों का धरने पर कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं। हालांकि पहलवान उनके विरोध को राजनीतिक चश्मे न देखने की अपील कर रहे हैं।