साइबर ठगों ने धनबाद डीसी आदित्य रंजन को बनाया निशाना, फर्जी WhatsApp अकाउंट से अधिकारियों को भेजे मैसेज

धनबाद में साइबर ठगों ने डीसी आदित्य रंजन के नाम से फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाकर प्रशासनिक अधिकारियों और आम लोगों से ठगी की कोशिश की। डीसी ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की।

साइबर ठगों ने धनबाद डीसी आदित्य रंजन को बनाया निशाना, फर्जी WhatsApp अकाउंट से अधिकारियों को भेजे मैसेज
डीसी की प्रोफाइल फोटो और नाम का दुरुपयोग।
  • +84 नंबर से की गई ठगी की कोशिश, पुलिस जांच में जुटी

धनबाद। झारखंड में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला धनबाद से सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने जिले के उपायुक्त (DC) आदित्य रंजन के नाम और प्रोफाइल फोटो का दुरुपयोग करते हुए एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बना लिया। इस फर्जी अकाउंट के जरिए ठगों ने प्रशासनिक अधिकारियों और आम लोगों को मैसेज भेजकर ठगी का प्रयास किया।

यह भी पढ़ें: Dhanbad : 108 हनुमान चालीसा पाठ से गूंजा झरिया, मारवाड़ी युवा मंच ने श्रद्धा के साथ मनाया 42वां स्थापना दिवस

जानकारी के अनुसार, साइबर ठग ने +84 946654020 नंबर से डीसी आदित्य रंजन के नाम का फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया। इसके बाद उपायुक्त के अधीन काम करने वाले अधिकारियों को सीधे मैसेज भेजे गए, ताकि पद और रुतबे का डर दिखाकर उनसे पैसे ऐंठे जा सकें।

अधिकारियों से ठगी की साजिश

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, साइबर ठग ने डीसी का नाम और प्रोफाइल फोटो इस्तेमाल कर पहले प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बनाया। इसके बाद उसने आम लोगों को भी मैसेज भेजकर खुद को डीसी बताने की कोशिश की और दबाव बनाकर आर्थिक लाभ उठाने की योजना बनाई। हालांकि समय रहते मामला उजागर हो गया, जिससे बड़ी ठगी टल गई।

पुलिस को दी गई सूचना

फर्जी अकाउंट की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस को सूचना दी। साइबर सेल द्वारा नंबर और अकाउंट की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

 डीसी आदित्य रंजन की जनता से अपील

मामले के सामने आने के बाद धनबाद के डीसी आदित्य रंजन ने प्रशासनिक अधिकारियों और आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि—

किसी भी अनऑथराइज्ड नंबर से आए कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें

पैसे मांगने वाले किसी भी मैसेज को तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट करें

किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी अकाउंट की शिकायत जरूर करें

डीसी ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।