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रांची। झारखंड पुलिस के लिए सिर दर्द बना प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स लिब्रेशन फ्रट ऑफ इंडिया (PLFI) सुप्रीमो दिनेश गोप अरेस्ट कर लिया गया है।दिनेश गोप दिल्ली में भेष बदलकर (सरदार के भेष में) रह रहा था। इसी दौरान आईबी को मिली सूचना के आधार पर एनआईए रांची ब्रांच व झारखंड पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए दिनेश गोप को दबोच लिया।

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अरेस्टिंग के बाद दिनेश गोप को अब दिल्ली से अब उसे रांची लाया जायेगा।  हालांकि दिनेश गोप की गिरफ्तारी कहां से की गयी है इसकी अभी तक ऑफिसियल पुष्टि नहीं हो पायी है। उसे नेपाल से अरेस्ट किये जाने की चर्चा थी।  दिनेश गोप पर झारखंड पुलिस ने 25 लाख रुपये व NIA ने पांच लाख रुपुये का इनाम घोषित कर रखा था। दिनेश पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम है।  दिनेश पिछले दो दशक से झारखंड के अलग-अलग जिले  में आतंक मचा रखा था। झारखंड में उस पर लगभग 150 मामले दर्ज हैं। 

वेश बदलकर भूटान में रह रहा था दिनेश गोप
दुर्दांत नक्सली दिनेश गोप ने भूटान में अपना वेश बदल लिया था। वह पंजाबी के वेश में भूटान में छिपकर रह रहा था। झारखंड में कई बार सुरक्षा बलों ने उसे घेरा, लेकिन हर बार वह बच निकलने में कामयाब रहा। कई बार एनकाउंटर में घिरने के बाद भी वह सुरक्षा बलों से जान बचाकर भाग निकला। पिछले काफी दिनों से वह नेपाल में छिपकर रह रहा था। दिल्ली की एनआईए की स्पेशल टीम ने झारखंड पुलिस की मदद से  शनिवार देर शाम उसे धर दबोचा।

दिनेश गोप पर टेरर फंडिंग समेत कई संगीन आरोप
दिनेश गोप पर कई टेर फंडिंग समेत कई संगीन आरोप हैं। सुरक्षा बलों पर हमला करने के अलावा उस पर लेवी वसूलने, लेवी के लिए ठेकेदारों-व्यापारियों को धमकी देने और उन्हें डराने-धमकाने के भी आरोप हैं। टेरर फंडिंग मामले में ही एनआईए ने उसके खिलाफ जांच शुरू की थी। वर्ष, 2020 में ही एनआईए ने दिनेश गोप की दोनों वाइफ हीरा देवी और शकुंतला कुमारी को अरेस्ट किया था।

एनकाउंटर में बचकर भाग निकलता था दिनेश गोप

पिछले एक साल में झारखंड पुलिस की पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के दस्ते के साथ आधा दर्जन से अधिक एनकाउंटर हुई. लेकिन हर एनकाउंटर में दिनेश गोप बचकर भाग निकलता था। रांची से 35 किमी दूर खूंटी जिले के जरियागढ़ पुलिस स्टेशन एरिया में लाप्पा मोहराटोली गांव झारखंड के आम गांवों की तरह ही है। यह लाप्पा मोहराटोली का मोस्ट वांटेड पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप का गांव है। दर्जनों लोगों की मर्डर का आरोपी दिनेश गोप लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उसे झारखंड और बिहार पुलिस के अलावा एनआईए भी खोज रही थी। पीएलएफआई उग्रवादी संगठन के कई बड़े उग्रवादी पकड़े गये या फिर मारे गये. लेकिन दिनेश गोप को पकड़ना या फिर मार गिराना झारखंड पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। 

एनआईए को दिनेश गोप की थी तलाश
एनआईए को पीएलएफआई उग्रवादी संगठन के सु्प्रीमो दिनेश गोप की आरसी 02/2018 मामले में तलाश है। देश में नोटबंदी के ठीक बाद दिनेश गोप ने लेवी के 25.38 लाख रुपये एसबीआई रांची के बेड़ो ब्रांच में एक पेट्रोल पंप संचालक के जरिए जमा करवाने की कोशिश की थी। रांची पुलिस ने 10 नवंबर 2016 को पेट्रोल पंप संचालक समेत चार लोगों को अरेस्ट किया था। इस मामले में एनआईए ने 19 जनवरी 2018 को केस टेकओवर किया था। एनआईए ने रेड कर कर दिनेश गोप के सहयोगी सुमंत कुमार समेत अन्य के ठिकानों से 90 लाख कैश और निवेश संबंधी कागजात बरामद किये थे.।एनआईए ने जांच के क्रम में दिनेश गोप की दो पत्नियों हीरा देवी और शकुंतला कुमारी को भी अरेस्ट किया था।  एनआईए ने दो मार्च 2020 कोदिनेश गोप के खास सहयोगी जयप्रकाश सिंह भुईंया और अमित देशवाल को अरेस्ट किया था। पीएलएफआई के पैसों को कंपनियों में निवेश के मामले में गुजरात के एक बिजनसमैन को भी एनआईए ने अरेस्ट किया था। दिनेश गोप अबतक पकड़ से दूर था।