झारखंड राज्यसभा चुनाव: परिमल नाथवानी का पर्चा वैध, कांग्रेस का दांव फेल! दूसरी सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला
झारखंड राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी का नामांकन वैध घोषित होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के विरोध, सलमान खुर्शीद की एंट्री और विधानसभा में हंगामे के बीच अब दूसरी सीट के लिए त्रिकोणीय मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रहा सियासी सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया। निर्दलीय उम्मीदवार Parimal Nathwani के नामांकन पत्र को सभी आपत्तियों और विवादों के बावजूद वैध घोषित कर दिया गया है। इस फैसले के साथ ही राज्यसभा की दूसरी सीट के लिए मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है। अब चुनावी मैदान में गठबंधन समर्थित उम्मीदवार Vaidyanath Ram, कांग्रेस प्रत्याशी Pranav Jha और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी आमने-सामने हैं।
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24 घंटे के सस्पेंस के बाद मिला राहत भरा फैसला
नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी के दौरान परिमल नाथवानी के नाम और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) से जुड़े दस्तावेजों पर कांग्रेस की ओर से गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। इन आपत्तियों के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन को होल्ड पर रख दिया था। बुधवार और गुरुवार तक चली लंबी कानूनी बहस और दस्तावेजों की जांच के बाद चुनाव अधिकारियों ने सभी आपत्तियों को खारिज करते हुए नाथवानी के नामांकन को वैध मान लिया। चुनावी गलियारों में यह खबर सामने आते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई। भाजपा समर्थकों ने फैसले का स्वागत किया, जबकि कांग्रेस नेताओं ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
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सलमान खुर्शीद को नहीं मिली सुनवाई में दलील देने की अनुमति
परिमल नाथवानी का नामांकन रद्द कराने के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री Salman Khurshid को विशेष रूप से दिल्ली से रांची बुलाया गया था। लेकिन सुनवाई के दौरान उन्हें अपना पक्ष रखने की अनुमति नहीं मिली। बताया गया कि जब तक वे विधानसभा पहुंचे, तब तक सुनवाई की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। भाजपा ने भी उनके हस्तक्षेप का विरोध किया। इसके बाद सलमान खुर्शीद ने विधानसभा परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
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विधानसभा परिसर में कांग्रेस का हंगामा
सुनवाई के दौरान कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों ने विधानसभा परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मंत्री Shilpi Neha Tirkey, Deepika Pandey Singh तथा वित्त मंत्री Radhakrishna Kishore समेत कई नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि नाथवानी की ओर से नए दस्तावेज और शपथ पत्र स्वीकार किए गए, जबकि उनके वरिष्ठ अधिवक्ता को सुनवाई में शामिल होने का अवसर नहीं दिया गया। कांग्रेस ने इसे पक्षपातपूर्ण रवैया बताया।
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दिल्ली में डेरा जमाएंगे कांग्रेस विधायक
सूत्रों के अनुसार, झारखंड कांग्रेस के कई विधायक अब इस पूरे मामले को लेकर पार्टी अध्यक्ष Mallikarjun Kharge से मुलाकात करने दिल्ली जाएंगे। कांग्रेस नेतृत्व को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी जाएगी और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान कई ऐसे फैसले लिए गए जिनकी समीक्षा आवश्यक है। इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली में पार्टी स्तर पर मंथन हो सकता है।
अब त्रिकोणीय हुआ मुकाबला
परिमल नाथवानी के नामांकन को मंजूरी मिलने के बाद राज्यसभा चुनाव पूरी तरह त्रिकोणीय हो गया है।
मुख्य उम्मीदवार:
• वैद्यनाथ राम (झामुमो-गठबंधन)
• प्रणव झा (कांग्रेस)
• परिमल नाथवानी (निर्दलीय)
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पहली सीट पर गठबंधन उम्मीदवार की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है, लेकिन दूसरी सीट पर मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। अब सभी की नजरें विधायकों की रणनीति, संभावित क्रॉस वोटिंग और अंतिम मतदान पर टिकी हैं।झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव का यह मुकाबला आने वाले दिनों में और दिलचस्प मोड़ ले सकता है। नाथवानी के मैदान में बने रहने से कांग्रेस की चुनौती बढ़ गई है, जबकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने आंकड़ों को साधने में जुट गए हैं।






