बिहार कैबिनेट के 46 बड़े फैसले: 5 प्राइवेट यूनिवर्सिटी को मंजूरी, Google-Microsoft के साथ होगा समझौता

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट बैठक में 46 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य में 5 नए निजी विश्वविद्यालय खुलेंगे, जबकि Google Cloud और Microsoft India जैसी कंपनियों के साथ AI विकास के लिए समझौता होगा। इससे शिक्षा, रोजगार और डिजिटल विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

बिहार कैबिनेट के 46 बड़े फैसले: 5 प्राइवेट यूनिवर्सिटी को मंजूरी,  Google-Microsoft के साथ होगा समझौता
सम्राट सरकार ने 46 एजेंडों पर लगाई मुहर।

पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार सरकार ने शिक्षा, रोजगार और तकनीकी विकास को नई दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 46 महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा असर राज्य के छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों पर पड़ने वाला है।

यह भी पढ़ें: पुणे मर्डर मिस्ट्री: शादी नहीं करना चाहती थी सिया गोयल, परिवार के दबाव और प्रेम संबंध ने ली केतन अग्रवाल की जान!

कैबिनेट बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव सहित सभी विभागों के मंत्री मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न विभागों से आए प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा के बाद उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई।

बिहार में खुलेंगी पांच नई निजी यूनिवर्सिटी

कैबिनेट की सबसे बड़ी घोषणाओं में राज्य में पांच नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी देना शामिल है। सरकार का मानना है कि इससे उच्च शिक्षा के लिए बिहार से बाहर जाने वाले छात्रों की संख्या में कमी आएगी और राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद मधुबनी में शांजा विश्वविद्यालय, सिवान में एक निजी विश्वविद्यालय, नवादा के अशोक नगर में एस.ए. विश्वविद्यालय, पटना में हिमालय विश्वविद्यालय तथा औरंगाबाद के जसोइया मोड़ में सीतयोग विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सरकार का मानना है कि इन विश्वविद्यालयों की स्थापना से न केवल शिक्षा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

Google और Microsoft के साथ AI साझेदारी

बिहार सरकार ने राज्य को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने Google Cloud India, Microsoft India, Sarvam और CoRover जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया है। इन समझौतों का उद्देश्य बिहार में AI आधारित पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना, डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करना तथा आम नागरिकों और सरकारी अधिकारियों तक आधुनिक तकनीकों की पहुंच सुनिश्चित करना है।

कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में बढ़ेगा AI का उपयोग

राज्य सरकार के अनुसार AI तकनीक का उपयोग कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, यातायात प्रबंधन, पर्यटन, वित्तीय सेवाओं और लोक सेवा वितरण जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी तथा नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

छात्रों और अधिकारियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

एमओयू के तहत सरकारी अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही इंजीनियरिंग, मेडिकल और पॉलिटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए AI आधारित पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। सरकार प्रशिक्षकों को तैयार करने के साथ-साथ भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों में शोध को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष पहल करेगी।

बिहार के लिए तैयार होगा स्वदेशी AI मॉडल

बिहार सरकार CoRover के सहयोग से राज्य के लिए एक स्वदेशी AI मॉडल विकसित करने की योजना पर काम करेगी। इसके जरिए शासन व्यवस्था और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी और तकनीक आधारित बनाया जाएगा।इसके साथ ही बिहार में अनुप्रयुक्त कृत्रिम बुद्धिमत्ता विश्वविद्यालय स्थापित करने की संभावनाओं का भी अध्ययन किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे स्टार्टअप, निवेश, नवाचार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

शिक्षा और तकनीक के केंद्र के रूप में उभरेगा बिहार

सरकार का मानना है कि शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में लिए गए ये फैसले बिहार को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और AI आधारित विकास मॉडल राज्य के युवाओं को नए अवसर प्रदान करेंगे तथा बिहार को देश के उभरते हुए शिक्षा और तकनीकी केंद्रों में शामिल करने में मदद करेंगे। इन फैसलों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि बिहार सरकार अब पारंपरिक विकास मॉडल से आगे बढ़कर ज्ञान, तकनीक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।