बिहार: पटना पुलिस में बड़ा फेरबदल, 31 अफसरों का ट्रांसफर; 24 घंटे में जॉइनिंग नहीं तो होगी कार्रवाई
पटना पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए SSP ने 31 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया है। तीन साल पूरे करने वाले अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। 24 घंटे में जॉइनिंग का आदेश जारी।
- तीन साल से एक जगह जमे अफसरों पर चली तबादले की कैंची
- दागी और विवादित अधिकारियों को अहम पोस्टिंग से दूर रखा गया
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार की राजधानी पटना में पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देने के उद्देश्य से वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने 31 पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। आदेश जारी होने के साथ ही इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
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इस व्यापक फेरबदल में कई थानाध्यक्षों, सर्किल इंस्पेक्टरों और अन्य पुलिस पदाधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदल दिए गए हैं। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
तीन साल पूरे करने वाले अधिकारियों पर चली तबादले की कैंची
पुलिस मुख्यालय की तय नीति के अनुसार एक ही स्थान पर तीन वर्ष की अवधि पूरी कर चुके अधिकारियों को नई जगह भेजा गया है। प्रशासनिक जरूरतों, बेहतर पुलिसिंग और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, कई ऐसे अधिकारी जो लंबे समय से एक ही थाना या सर्किल में कार्यरत थे, उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा लाई जा सके।
राजधानी के कई अहम थानों में बदले गए अधिकारी
इस तबादला सूची में पटना के कई महत्वपूर्ण थाने शामिल हैं। बुद्धा कॉलोनी, रामकृष्णनगर, शाहपुर, पुनपुन, बख्तियारपुर समेत कई क्षेत्रों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। पुलिस विभाग का मानना है कि नई पोस्टिंग से स्थानीय स्तर पर पुलिसिंग व्यवस्था और मजबूत होगी तथा अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।
दागी अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी नहीं
SSP कार्यालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे अधिकारी जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, गंभीर विभागीय जांच चल रही है या जिनकी छवि विवादित रही है, उन्हें थानाध्यक्ष या सर्किल इंस्पेक्टर जैसे संवेदनशील पदों पर नहीं बैठाया जाएगा।
महिलाओं के उत्पीड़न, भ्रष्टाचार, हिरासत में हिंसा और गंभीर अनुशासनहीनता के मामलों में घिरे अधिकारियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शराबबंदी कानून पर जीरो टॉलरेंस
बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर भी इस आदेश में सख्त संदेश दिया गया है। निर्देशों में कहा गया है कि यदि किसी अधिकारी की भूमिका शराब निर्माण, तस्करी या बिक्री में सामने आती है तो उसे भविष्य में थाना या ओपी प्रभारी जैसी जिम्मेदारियां नहीं दी जाएंगी।
जानकारी के अनुसार, ऐसे मामलों में कार्रवाई का प्रभाव कई वर्षों तक लागू रहेगा, जिससे पुलिस विभाग के भीतर कड़ा संदेश गया है।
24 घंटे में जॉइनिंग का आदेश
SSP कार्यालय ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही पुराने पदस्थापन स्थल का प्रभार, सरकारी दस्तावेज, चालान, अभिलेख और अन्य सामग्री भी तय समय के भीतर हस्तांतरित करने को कहा गया है।
यदि किसी अधिकारी द्वारा आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
कानून-व्यवस्था सुधारने की बड़ी रणनीति
पुलिस महकमे में हुआ यह बड़ा फेरबदल केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि राजधानी की कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति माना जा रहा है।
आने वाले महीनों में अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग में जवाबदेही और फील्ड स्तर पर बेहतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कदमों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इसे राजधानी की पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।






