BMS में बड़ा बदलाव: एस मलेशम बने राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुरेंद्र पांडेय महासचिव
भारतीय मजदूर संघ (BMS) के पुरी में हुए 21वें राष्ट्रीय अधिवेशन में एस मलेशम को राष्ट्रीय अध्यक्ष और सुरेंद्र पांडेय को महासचिव चुना गया। अधिवेशन में सामाजिक सुरक्षा, समान वेतन और निजीकरण के विरोध सहित कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए।
- अधिवेशन में सामाजिक सुरक्षा, समान वेतन और निजीकरण के विरोध सहित कई अहम प्रस्ताव पारित
भुवनेश्वर (Threesocieties.com Desk)। भारतीय मजदूर संघ (BMS) के ओडिशा के पुरी में आयोजित 21वें राष्ट्रीय अधिवेशन में वर्ष 2026-2029 के लिए नई राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन किया गया। अधिवेशन में तेलंगाना के एस मलेशम को संगठन का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष और सुरेंद्र कुमार पांडेय को महासचिव चुना गया।
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नई कार्यसमिति के गठन के साथ ही बीएमएस ने श्रमिक हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया है। अधिवेशन में सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, ठेका एवं आउटसोर्सिंग श्रमिकों के लिए “समान कार्य-समान वेतन” लागू कराने तथा सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण और विनिवेश का विरोध जारी रखने जैसे प्रस्ताव पारित किए गए।
नई राष्ट्रीय कार्यसमिति की घोषणा
बीएमएस की नई टीम में विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधित्व दिया गया है। उपाध्यक्ष पद पर सुखविंदर सिंह (पंजाब), नीता चौबे (विदर्भ), अशोक शुक्ला (उत्तर प्रदेश), उन्नीकृष्णन (केरल), राजेंद्र शर्मा (राजस्थान), पवन कुमार (दिल्ली) और जिग्नेश मजूमदार (गुजरात) को जिम्मेदारी दी गई है।
महामंत्री के रूप में सुरेंद्र कुमार पांडेय (छत्तीसगढ़) के साथ मंत्रियों में रामनाथ गणेश (मध्यप्रदेश), कुमारी अंजली पटेल (ओडिशा), राधेश्याम जायसवाल (छत्तीसगढ़), अरविंद मिश्रा (मध्यप्रदेश), अशोक कुमार (हरियाणा), अनिल कुमार धूमने (महाराष्ट्र) और संजय सिन्हा (बिहार) शामिल हैं।
अनीस मिश्रा को कोषाध्यक्ष, बी. रविंद्रन को संगठन मंत्री, गणेश मिश्रा को सह संगठन मंत्री तथा के. लक्ष्मा रेड्डी को कोल प्रभारी और सुधीर घूरडे को सह प्रभारी बनाया गया है।
कोयला मजदूरों के अधिकार प्राथमिकता: लक्ष्मा रेड्डी
नवनियुक्त कोल प्रभारी के. लक्ष्मा रेड्डी ने कहा कि कोयला क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को अभी भी सामाजिक सुरक्षा, वेतन समानता और कार्यस्थल सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बीएमएस इन मुद्दों पर जमीनी स्तर पर व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा ताकि ठेका और आउटसोर्सिंग श्रमिकों को भी समान अधिकार मिल सकें।
श्रमिक हित, उद्योग हित और राष्ट्र हित पर जोर
अधिवेशन में वक्ताओं ने कहा कि बीएमएस आने वाले वर्षों में “श्रमिक हित, उद्योग हित और राष्ट्र हित” के संतुलन के सिद्धांत पर कार्य करते हुए मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को और तेज करेगा। खासकर कोयला, इस्पात और ऊर्जा क्षेत्रों के श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जायेगा।
नई टीम के गठन के साथ ही संगठन ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में श्रम कानूनों, सामाजिक सुरक्षा और वेतन समानता जैसे मुद्दों पर देशव्यापी अभियान चलाए जायेंगे।
बधाइयों का दौर
भारतीय मजदूर संघ की नई कार्यसमिति के गठन पर डीसीकेएस के अध्यक्ष मुरारी तांती, महासचिव उमेश सिंह, मंत्री संजीव कुमार सिंह, बीएमएल प्रदेश कमेटी सदस्य ओम सिंह, जिला मंत्री धर्मजीत चौधरी और मुबारक हुसैन सहित कई श्रमिक नेताओं ने नव निर्वाचित अध्यक्ष और महासचिव को बधाई दी।






