रामगढ़ में पुलिस का बड़ा एक्शन: राहुल दुबे गैंग के 7 अपराधी दबोचे, पतरातू में फायरिंग की साजिश नाकाम
रामगढ़ पुलिस ने राहुल दुबे गैंग के 7 अपराधियों को गिरफ्तार कर पतरातू में होने वाली बड़ी फायरिंग की साजिश नाकाम कर दी। जंगी ऐप के जरिए गैंग ऑपरेट हो रहा था।
- जंगी ऐप से चल रहा था गैंग का नेटवर्क
- पुलिस ने फिल्मी अंदाज में धर दबोचा 7 बदमाश
रामगढ़ (Threesocieties.com Desk): झारखंड के रामगढ़ जिले में अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कुख्यात राहुल दुबे गैंग के सात सक्रिय अपराधियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने पतरातू में होने वाली बड़ी फायरिंग की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया।
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*रामगढ़ पुलिस को मिली बड़ी सफलता*
— Ramgarh Police (@RamgarhPolice) April 5, 2026
पतरातु स्थित MGCPL कंपनी में फायरिंग करने वाले राहुल दुबे गैंग के 7 सदस्यों को 2 हथियार,4 जिंदा कारतूस,1 चारपहिया वाहन एवं अन्य समानों के साथ किया गया गिरफ्तार।
पुनः MGCPL कंपनी में फायरिंग की घटना को अंजाम देने की साजिश को किया गया विफल। pic.twitter.com/oJWE4gMrIQ
पुलिस के अनुसार, ये अपराधी पतरातू स्थित MGCPL कंपनी के ओवरब्रिज निर्माण कार्य को रोकने और ठेकेदारों में दहशत फैलाकर लेवी वसूलने की योजना बना रहे थे। इससे पहले 29 मार्च को हुई फायरिंग के बाद भी कंपनी द्वारा काम जारी रखने से गैंग के सदस्य नाराज थे और दोबारा हमला करने की फिराक में थे।
एसपी को मिली थी गुप्त सूचना, बनाई गई स्पेशल टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एएसपी गौरव गोस्वामी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। टीम को इनपुट मिला था कि गैंग के सदस्य इलाके में रेकी कर रहे हैं और किसी भी समय बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
फिल्मी स्टाइल में पकड़ाए अपराधी
पुलिस टीम जब पतरातू रेलवे ओवरब्रिज के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी भुरकुंडा की ओर से आ रही एक आई-20 कार और एक मोटरसाइकिल ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की। मोटरसाइकिल सवार दो अपराधी भागने में सफल रहे, लेकिन कार पीछे करने के दौरान लोहे के गार्डर से टकरा गई। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर कार सवार तीन अपराधियों को मौके पर ही दबोच लिया।
गिरफ्तार अपराधियों में शामिल हैं:
तुषार सिंह (20 वर्ष, हजारीबाग) – जिसके पास से लोडेड देशी रिवॉल्वर और कारतूस बरामद, मिथुन कुमार (28 वर्ष, हजारीबाग) व
अमन अंसारी (18 वर्ष, रामगढ़)। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने बाद में एक देशी पिस्टल और अतिरिक्त कारतूस भी बरामद किए।
जंगी ऐप से मिल रहे थे निर्देश
पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गैंग का सरगना राहुल दुबे उर्फ “मामा” जंगी ऐप के जरिए अपराधियों को निर्देश दे रहा था। कोड वर्ड के माध्यम से पूरी योजना तैयार की गई थी, जिसमें मोटरसाइकिल सवारों के साथ मिलकर फायरिंग की वारदात को अंजाम देना था।
छापेमारी में 4 और गिरफ्तार
मुख्य आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर चार अन्य अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया। इनमें शामिल हैं: कुणाल सिंह उर्फ शिवम सिंह, बादल सिंह उर्फ कुणाल, सुमित पांडेय व सन्नी बेदिया।
पहले भी कर चुके हैं फायरिंग
गिरफ्तार मिथुन कुमार ने पूछताछ में कबूल किया कि इसी गैंग ने होली से पहले 3 मार्च को कुज्जू क्षेत्र के सांडी में रवि शर्मा के घर पर लेवी के लिए फायरिंग की थी।
पुलिस की सख्ती से टूटा गैंग का मनोबल
रामगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में अपराधियों के हौसले पस्त हो गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लेवी और रंगदारी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे गैंगों को जड़ से खत्म किया जायेगा।






